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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी से जुड़े आदि विश्वेश्वर मामले में मिली अगली तारीख, इस वजह से नहीं हो पाई सुनवाई

Tue, 11 Jul 2023 10:21 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Tue, 11 Jul 2023 10:21 AM IST
सार

वाराणसी में ज्ञानवापी से जुड़े ज्योतिर्लिंग लॉर्ड आदि विश्वेश्वर के मामले की सुनवाई सोमवार को नहीं हो सकी। पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर रहने के कारण सुनवाई टल गई। 

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Hearing on Adi Vishweshwar case related to Gyanvapi now on July 26, objection on the application of Masjid Com
ज्ञानवापी परिसर। - फोटो : social media

विस्तार

सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी से जुड़े ज्योतिर्लिंग लार्ड आदि विश्वेश्वर के मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर रहने के कारण सुनवाई टली और अगली तिथि 26 जुलाई तय कर दी गई।

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इस बीच वादिनी पक्ष की तरफ से अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के उस आवेदन पर आपत्ति जताई गई, जिसमें वाद के समर्थन में दिए गए साक्ष्यों की प्रति मांगी गई है। वादिनी पक्ष ने आपत्ति आवेदन में कहा कि जो भी साक्ष्य दिए गए हैं, वह सार्वजनिक व ऐतिहासिक हैं। इसे कमेटी खुद प्राप्त कर सकती है। यह मामले को विलंबित करने का प्रयास है। इसे खारिज किया जाना चाहिए। इस आवेदन पर अदालत अगली तारीख पर सुनवाई करेगी।

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बड़ी पियरी निवासी अधिवक्ता अनुष्का तिवारी व इंदु तिवारी ने ज्योतिर्लिंग आदि विश्वेश्वर विराजमान की तरफ से अधिवक्ता शिवपूजन सिंह गौतम, शरद श्रीवास्तव और हिमांशु तिवारी के जरिये वाद दाखिल किया है। इसमें ज्ञानवापी स्थित आराजी संख्या को भगवान का मालिकाना हक घोषित करने, केंद्र व राज्य सरकार से भव्य मंदिर निर्माण में सहयोग करने और 1993 में कराई गई बैरिकेडिंग को हटाने की मांग की गई है। पुलिस आयुक्त, डीएम, केंद्र और यूपी के सचिव, अंजुमन इंतजामिया कमेटी और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को पक्षकर बनाया गया है। केंद्र सरकार की तरफ से अधिवक्ता सुनील रस्तोगी कोर्ट में हाजिर हुए थे। दूसरे पक्षकारों को भी हाजिर होने और पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा गया है।

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