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Gyanvapi Case: मां श्रृंगार गौरी समेत कई मामलों की हुई सुनवाई, पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने दी ये तारीख
Sat, 18 May 2024 07:34 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sat, 18 May 2024 07:34 PM IST
सार
Varanasi News: वाराणसी जिला जज ने सभी वादों को गंभीर से सुना। अब अदालत ने इन सभी आवेदनों और वादों में क्रमवार सुनवाई के लिए 29 मई की तिथि नियत कर दी।
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ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी के जिला जज संजीव पाण्डेय की अदालत में ज्ञानवापी से जुड़े मां श्रृंगार गौरी समेत कई वादों की सुनवाई हुई। श्रृंगार गौरी वाद की वादिनी राखी सिंह की तरफ से अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने ज्ञानवापी में बंद पड़े अन्य तहखानों की एएसआई सर्वें कराने की मांग की।
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वाद संख्या 2 से 5 तक के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी व सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने इस आवेदन की प्रति मांगी, जिस पर उन्हें उपलब्ध कराई गई। इसके आलावा आदि विश्वेश्वर विराजमान वाद को सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट से स्थानांत्रित कर जिला जज की कोर्ट में सभी वादों के साथ सुनवाई किए जाने के आदेश को विधि विरुद्ध बताते हुए आदेश को रिकॉल किए जाने का अनुरोध अधिवक्ता मानबहादुर सिंह शिवम गौड़ और डीके द्विवेदी की ओर से किया गया।
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कहा गया कि हर वाद में अलग-अलग अनुतोष मांगी गई है। ऐसे में एक साथ सुनवाई नहीं की जा सकती। इसके आलावा सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में लंबित वर्ष 1991 के प्राचीन लॉर्ड विश्वेश्वर वाद को स्थानात्रित कर जिला जज की अदालत में इस वाद को लीडिंग केस मानकर ज्ञानवापी से जुड़े सभी वादों की सुनवाई वादिनी अनुष्का तिवारी व इंदु तिवारी के अधिवक्ता हिमांशु शेखर तिवारी ने की। इस पर लॉर्ड विश्वेश्वर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी से आपत्ति मांगी गई है।
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