जानलेवा हमला मामला: पूर्व सांसद धनंजय सिंह के निजी अधिवक्ता बहस करेंगे या नहीं, चार अगस्त को आदेश संभव
विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) अवनीश गौतम की अदालत में विचाराधीन पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में शुक्रवार को सुनवाई पूरी हो गई है। आदेश के लिए कोर्ट ने अगली तिथि नियत कर दी है।
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विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) अवनीश गौतम की अदालत में विचाराधीन पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई। वादी धनंजय सिंह के निजी अधिवक्ता बहस करेंगे या नहीं, इस मुद्दे पर दोनों पक्ष की ओर से दलीलें और कानूनी नजीरें पेश की गईं। अदालत ने आदेश के लिए चार अगस्त की तिथि तय कर दी है।
मामले में आरोपी संदीप सिंह के अधिवक्ता अनुज यादव की ओर से आवेदन देकर कोर्ट से वादी धनंजय सिंह को कुछ मुद्दों पर जिरह के लिए फिर से तलब किए जाने का अनुरोध किया गया था। इस पर वादी धनंजय सिंह के अधिवक्ता देवेंद्र प्रताप सिंह ने दलीलें रखनी चाही।
इस पर आरोपी संदीप सिंह के अधिवक्ता अनुज यादव और वरुण प्रताप सिंह प्रिंस ने आपत्ति की और कहा कि वादी के निजी अधिवक्ता को बहस करने का अधिकार नहीं है। वह सिर्फ अभियोजन पक्ष यानी शासकीय अधिवक्ता का सहयोग कर सकते हैं। इसी मुद्दे पर शुक्रवार को दोनों पक्ष ने दलील दी। अब अदालत के आदेश से तय होगा कि वादी के निजी अधिवक्ता बहस करेंगे या नहीं। फिर, वादी धनंजय सिंह को जिरह के लिए तलब किए जाने के आवेदन पर सुनवाई होगी।
21 वर्ष पहले हुआ था हमला, सपा विधायक अभय सिंह आरोपी
प्रकरण के अनुसार, रारी के तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ चार अक्तूबर 2002 को वाराणसी से जौनपुर जा रहे थे। शाम छह बजे वह जैसे ही नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा हाल के पास पहुंचे, उसी दौरान उनके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगी। हमले में धनंजय सिंह, जितेंद्र बहादुर सिंह, संतोष सिंह, गनर बासुदेव पांडेय और ड्राइवर दिनेश गुप्ता घायल हुए थे। पुलिस की गाड़ी आई तो हमलावर भाग निकले। इस हमले को लेकर धनंजय सिंह ने कैंट थाने में मौजूदा सपा विधायक अभय सिंह समेत चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।