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रात में मरीजों की खोज में गांवों में पहुंची टीम
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वाराणसी। जिले में फाइलेरिया मरीजों की खोज के लिए गांवों में नाइट ब्लड सैंपल सर्वे करने पहुंची टीम ने लोगों का सैंपल लिया। इस दौरान उन्हें फाइलेरिया के लक्षण और बचाव के उपाय भी बताए गए। जिले में चार हजार लोगों का स्लाइड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में बड़ागांव, काशी विद्यापीठ, पिंडरा और रामनगर के साथ ही चोलापुर, सेवापुरी, चिरईगांव और अर्दली बाजार में नाइट ब्लड सैंपल सर्वे कराया जा रहा है। इसमें जिन लोगों का सैंपल लिया जा रहा है, उसमें रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि चयनित आठ गांवों में हर गांव से 500 ब्लड स्लाइड तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जहां भी सैंपलिंग का कार्य पूरा हो जाएगा, वहां लैब टेक्निशियन द्वारा परीक्षण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
बताया कि पिछले साल 18 मरीज मिले थे, जिनका नि:शुल्क इलाज किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी शरत चंद्र पांडेय ने बताया कि रात साढ़े आठ बजे से बारह के बीच नाइट ब्लड सैंपल सर्वे बड़ागांव ब्लॉक के बहुतरा, पिंडरा के जकापुर, काशी विद्यापीठ के भुल्लनपुर, चोलापुर के मुनारी, सेवापुरी के करधना, चिरईगांव के बराई, रामनगर के कोदोपुर व जनकपुर एवं अर्दली बाजार में किया जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि रात के समय में ही फाइलेरिया के वायरस सक्रिय होते हैं। इस आधार पर लक्षणों को आसानी से पहचाना जा सकता है।
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फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में बड़ागांव, काशी विद्यापीठ, पिंडरा और रामनगर के साथ ही चोलापुर, सेवापुरी, चिरईगांव और अर्दली बाजार में नाइट ब्लड सैंपल सर्वे कराया जा रहा है। इसमें जिन लोगों का सैंपल लिया जा रहा है, उसमें रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि चयनित आठ गांवों में हर गांव से 500 ब्लड स्लाइड तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जहां भी सैंपलिंग का कार्य पूरा हो जाएगा, वहां लैब टेक्निशियन द्वारा परीक्षण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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बताया कि पिछले साल 18 मरीज मिले थे, जिनका नि:शुल्क इलाज किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी शरत चंद्र पांडेय ने बताया कि रात साढ़े आठ बजे से बारह के बीच नाइट ब्लड सैंपल सर्वे बड़ागांव ब्लॉक के बहुतरा, पिंडरा के जकापुर, काशी विद्यापीठ के भुल्लनपुर, चोलापुर के मुनारी, सेवापुरी के करधना, चिरईगांव के बराई, रामनगर के कोदोपुर व जनकपुर एवं अर्दली बाजार में किया जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि रात के समय में ही फाइलेरिया के वायरस सक्रिय होते हैं। इस आधार पर लक्षणों को आसानी से पहचाना जा सकता है।
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