BHU: उपवास में बिगड़ी तबीयत..., PhD प्रवेश न मिलने पर विधायकों ने PM-CM को लिखा पत्र; विरोध जारी
पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर बीएचयू में छात्रों का धरना-प्रदर्शन जारी है। कुलपति आवास पर एक छात्र दूसरे दिन भी बैठा रहा। उसने प्रोफेसरों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
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बीएचयू में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर सेंट्रल ऑफिस पर छात्रों का विरोध चौथे दिन जारी रहा। शनिवार देर शाम तक आमरण अनशन पर बैठे एक छात्र सत्य नारायण सिंह की हालत बिगड़ गई। उसे सर सुंदरलाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इसके अलावा कुलपति आवास पर एकल धरने पर बैठे छात्र शिवम सोनकर दूसरे दिन भी प्रवेश के लिए गिड़गिड़ाता रहा।
आरोप लगाया कि विभाग ने उसकी एकेडमिक हत्या कर दी है। छात्र के समर्थन में आए एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मछलीशहर की विधायक डॉ. रागिनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिकायत की है। वहीं, बीएचयू ने छात्र की मांग को ठुकरा दिया है।
जनसंपर्क अधिकारी की ओर से स्पष्टीकरण जारी कर कहा गया है कि मालवीय सेंटर फॉर पीस रिसर्च ने सूचित किया है कि काउंसिलिंग की प्रक्रिया से पहले ही सीटों को ट्रांसफर करने का नियम है। मुख्य विषय में मेरिट के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की जा चुकी है। वहीं पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और नियमानुसार साफ्टवेयर द्वारा निष्पादित की जा रही है।
धरनारत आवेदक शिवम शनिवार रात कुलपति आवास के सामने से ही सोशल मीडिया पर लाइव आया। बीएचयू प्रशासन का जमकर विरोध किया। बार-बार रोता रहा और जय श्री राम का उद्घोष कर कहा कि मैं महामना का मानस पुत्र हूं।
शिवम का कहना है कि उसकी रैंकिंग दूसरी है, लेकिन उसे एडमिशन नहीं मिल रहा है। दूसरी ओर एलडी गेस्ट हाउस तक का रास्ता बंद है। शिवम के साथ सत्य प्रकाश सोनकर 'सोनू', राहुल सोनकर, अनिल यादव सहित दर्जना लोग माैजूद रहे।
एमफिल करने के बावजूद नहीं मिला प्रवेश
सेंट्रल ऑफिस पर चार दिन से उपवास पर बैठे छात्रों का कहना है कि उनके एक दोस्त की हालत अस्पताल में नाजुक है। लेकिन बीएचयू के सामाजिक समावेशन नीति अध्ययन केंद्र की ओर से प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
धरनारत छात्र का आरोप है कि मुख्य विषय सोशल इनक्लूजन या सब लैटर्न स्टडीज ही था और इसी विषय से एमफिल भी किया है। ऐसे में सब लैटर्न विषय से रेट एंग्जंप्टेड कैटेगिरी और मेन डिसिप्लिन में पीएचडी इंटरव्यू होगा। यानी कि उसे सीधा इंटरव्यू देने का मौका मिलेगा, लेकिन इस सीट पर कई एलाइड विषयों के भी आवेदकों ने मेन डिसिप्लीन में इंटरव्यू दे दिया, जबकि तय हुआ था कि ऐसा नहीं किया जाएगा।