Ravidas Jayanti 2022: वाराणसी के सीर गोवर्धन में रैदासियों का रेला, दर्शन पूजन कर नवाए शीश
संत रविदास जयंती पर संत निरंजन दास आज करेंगे ध्वजारोहण, मंदिर में दर्शन करने के बाद कबीर प्राकट्य स्थल पर भी गए श्रद्धालु
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वाराणसी में संत रविदास की जयंती पर सीरगोवर्धन में रैदासियों का रेला उमड़ पड़ा है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली सहित अन्य जगहों से आए रैदासियों ने पूरी श्रद्धा के साथ संत रविदास मंदिर पहुंचकर शीश नवाया। इसके बाद लंगर भी छका। वहीं, लहरतारा स्थित कबीर प्राकट्य स्थल और कबीरचौरा स्थित मूलगादी मठ पर भी लोगों की भीड़ उमड़ी रही। बुधवार को संत निरंजन दास द्वारा ध्वजारोहण कर प्रकाशोत्सव का पर्व मनाया जाएगा।
संत रविदास मंदिर को रंग बिरंगी बत्तियों से सजाया गया है। मेला स्थल पर भी हजारों लोगों की भीड़ लगी रही। सीरगोवर्धन से लेकर कबीरस्थली तक रैदासियों के आने जाने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। मंदिर में संत रविदास के दर्शन, पूजन के लिए लोगों की लंबी कतार लगी रही। अमृतवाणी के पाठ से भी पूरा सीरगोवर्धन का इलाका गूंजता रहा।
राजघाट से निकलेगी गुरु रविदास की दिव्य झांकी
जयंती की पूर्व संध्या पर दी रविदास स्मारक सोसाइटी की ओर से राजघाट स्थित रविदास मंदिर में मंगलवार को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार तो नहीं आ सकीं, लेकिन उनके पुत्र डॉ. अंशुल अभिजीत ने मंदिर में बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और शीश नवाया।
इस दौरान डॉ. जय शंकर जय की कृति संत रविदास जीवन परिचय व सामाजिक सरोकार पुस्तक का विमोचन किया। मंदिर के प्रबंधक सतीश कुमार फागुनी ने बताया कि बुधवार को जयंती पर मंदिर परिसर से दिव्य झांकी निकाली जाएगी और विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। इस दौरान प्रोफेसर विजय प्रताप सिंह, बबलू, सर्वेश कुमार वर्मा, वीरेंद्र कुमार, सिद्धनाथ शर्मा, डॉ. दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव सहित कई लोग शामिल हुए।
रैदासियों ने जलाएं गुरु की याद में दीप
संत रविदास पार्क में रैदासियों ने गुरु की याद में दीपदान किया। मंगलवार की शाम को रैदासी भक्तों की टोली नगवां स्थित संत रविदास पार्क पहुंची। संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीपदान के बाद पूरा पार्क दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। भजन कीर्तन करती हुई रैदासियों की टोली ने नृत्य भी किया।
शाम करीब साढ़े पांच बजे से दीये जलने शुरू हुए और पीली आभा चारों तरफ फैलती गई। श्री गुरु रविदास की प्रतिमा के दर्शन नमन करते श्रद्धालुओं ने दीयों से पवित्र निशान साहब उकेरा तो कहीं तरह-तरह के चिह्न सजाए।
ऑस्ट्रिया से आकर सेवा कर रहे हैं श्रद्धालु
जयंती में शामिल होने के लिए देश ही नहीं विदेश में रहने वाले भारतीय भी संत रविदास के दरबार में मत्था टेकने और सेवा करने के लिए आए हुए हैं। कार्यक्रम में आस्ट्रिया में संस्था चला रहे लोग भी सेवा भाव से काशी आए हुए हैं। संस्था के प्रभारी केशव ने बताया कि कोरोना महामारी से बचाव के लोगों को मास्क और सैनिटाइजर वितरित कर रहे हैं।