सरयू की बाढ़-कटान से तबाही: ग्रामीणों ने उठाई आवाज, क्षतिग्रस्त बंधों व ठोकरों की मरम्मत की मांग; पत्रक
सरयू की बाढ़ और कटान से प्रभावित ग्रामीणों ने छह सूत्री मांगों को लेकर आवाज उठाई। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त बंधों और ठोकरों की तत्काल मरम्मत कराने, बाढ़ में क्षतिग्रस्त मकानों व फसलों का मुआवजा देने की मांग की। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों के अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती, स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने समेत अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की।
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सरयू की बाढ़ और कटान से बांसडीह विधानसभा क्षेत्र में मची तबाही के बीच ग्रामीणों की समस्याएं अब प्रशासन तक पहुंच हैं। जिला पंचायत सदस्य विजय यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को उपजिलाधिकारी डॉ. पुष्कर मिश्रा को छह सूत्री मांग पत्र सौंपकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और स्थायी व्यवस्था की मांग की।
ज्ञापन में सुल्तानपुर, महाराजपुर, भोजपुरवा और पर्वतपुर समेत कई गांवों में बाढ़ और कटान से हुए नुकसान का उल्लेख किया गया। ग्रामीणों के अनुसार कटान की चपेट में आकर कई मकान नदी में समा चुके हैं, जबकि सैकड़ों बीघे कृषि भूमि बर्बाद हो गई है। हजारों लोग प्रभावित हैं और बड़ी संख्या में परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गए बंधों और ठोकरों के क्षतिग्रस्त होने से खतरा और बढ़ गया है। इनकी तत्काल मरम्मत की मांग की गई।
घर-खेत गंवाने वालों को मिले मुआवजा
ग्रामीणों ने बाढ़ और कटान में मकान व फसल गंवाने वाले परिवारों का तत्काल सर्वे कराने तथा उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की। प्रभावित किसानों को नष्ट हुई फसल और कृषि भूमि का भी मुआवजा देने की मांग उठाई गई।
भवन तैयार, डॉक्टरों का इंतजार
हुसैनाबाद, सुखपुरा और रैगवां में नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और चिकित्सा कर्मियों की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया गया। कहा गया कि भवन बनने के बावजूद चिकित्सकीय सेवाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। आपात स्थिति में मरीजों को 30 से 40 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है।
डेढ़ महीने से बिजली आपूर्ति प्रभावित
सैदपुर फीडर की बिजली व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई गई। आरोप है कि करीब डेढ़ महीने से आपूर्ति प्रभावित है और रोस्टर के अनुसार बिजली नहीं मिल रही है। इससे ग्रामीणों के साथ किसान और व्यापारी भी परेशान हैं। नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
जर्जर सड़कों से आवागमन मुश्किल
मुख्य मार्गों से गांवों को जोड़ने वाली संपर्क सड़कों की खराब स्थिति का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल रहा। ग्रामीणों ने कहा कि जर्जर सड़कों से आवागमन मुश्किल हो गया है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। सड़कों की मरम्मत और जरूरत के अनुसार नए निर्माण की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के बाद एसडीएम डॉ. पुष्कर मिश्रा ने प्रतिनिधिमंडल को समस्याओं के जल्द निराकरण का आश्वासन दिया। इस दौरान अभिमन्यु राजभर, राकेश तिवारी, राकेश यादव, सुनील ठाकुर, सोनू यादव, नवीन मिश्रा, पवन पांडेय, विनय तुरा, अभिलाष, मुन्ना गोड़, अमलेश चौहान समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।