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हसरत इतनी, आज चांद का हो दीदार
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Fri, 17 Jul 2015 02:04 AM IST
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शुक्रवार को जहां दिन में अलविदा की नमाज अदा की जाएगी, वहीं शाम को रोजा खोलने के साथ ही ईद के चांद को देखने को लेकर उत्सुकता और गहमा-गहमी का दौर शुरू होगा। अगर शाम के वक्त आसमान में बादल छाए रहे तो लोगों की जिज्ञासा और अधिक बढ़ जाएगी। फिर तो फलां शहर में चांद दिखने और फलां शहर में चांद न दिखने को लेकर अफवाह और सच्चाई का दौर भी चलेगा। ऐसे में लोगों की चांद देखने की गवाही और शहर काजी के ऐलान पर शनिवार को ईद मनाई जानी निर्भर करेगी।
आज रमजान महीने का 29वां रोजा है। पिछला चांद 30 का हुआ था, इसलिए इस बात की संभावना है कि चांद दिख जाए। ऐसी स्थिति में शनिवार को ईद मनाई जाएगी, वर्ना रविवार को। शहर काजी मौलाना गुलाम यासीन का कहना है कि बदली छाए रहने की स्थिति अगर कम से कम दो लोग खुद आकर चांद देखने की गवाही देते हैं, तो ईद का ऐलान किया जा सकता है। टेलीफोन, रेडियो और टेलीविजन की खबरों के आधार पर ऐलान नहीं किया जा सकता। मुफ्ती-ए-शहर मौलाना बातिन नोमानी का कहना है कि अल्लाह के हुक्म के मुताबिक बदली छाए रहने की स्थित में दो सच्चे गवाहों की गवाही पर ईद का ऐलान किया जा सकता है, अन्यथा की स्थिति में 30 रोजा पूरा किया जाना जरूरी है। अल रजा फाउंडेशन के सदस्य मौलाना काजिम मेहंदी का कहना है कि हम जिस शहर में रहते हैं, अगर उसके पूरब के इलाकों में चांद दिखता है तो ईद का ऐलान होगा। लेकिन अगर पश्चिम में चांद दिखे तो ईद नहीं हो सकती। इसलिए बदली छाए रहने पर अगर पटना, कोलकाता, गया आदि शहरों में चांद दिख जाए तो वाराणसी में भी ईद होगी, मगर दिल्ली, पंजाब वगैरह में चांद दिखने पर ईद नहीं हो सकती।
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आज रमजान महीने का 29वां रोजा है। पिछला चांद 30 का हुआ था, इसलिए इस बात की संभावना है कि चांद दिख जाए। ऐसी स्थिति में शनिवार को ईद मनाई जाएगी, वर्ना रविवार को। शहर काजी मौलाना गुलाम यासीन का कहना है कि बदली छाए रहने की स्थिति अगर कम से कम दो लोग खुद आकर चांद देखने की गवाही देते हैं, तो ईद का ऐलान किया जा सकता है। टेलीफोन, रेडियो और टेलीविजन की खबरों के आधार पर ऐलान नहीं किया जा सकता। मुफ्ती-ए-शहर मौलाना बातिन नोमानी का कहना है कि अल्लाह के हुक्म के मुताबिक बदली छाए रहने की स्थित में दो सच्चे गवाहों की गवाही पर ईद का ऐलान किया जा सकता है, अन्यथा की स्थिति में 30 रोजा पूरा किया जाना जरूरी है। अल रजा फाउंडेशन के सदस्य मौलाना काजिम मेहंदी का कहना है कि हम जिस शहर में रहते हैं, अगर उसके पूरब के इलाकों में चांद दिखता है तो ईद का ऐलान होगा। लेकिन अगर पश्चिम में चांद दिखे तो ईद नहीं हो सकती। इसलिए बदली छाए रहने पर अगर पटना, कोलकाता, गया आदि शहरों में चांद दिख जाए तो वाराणसी में भी ईद होगी, मगर दिल्ली, पंजाब वगैरह में चांद दिखने पर ईद नहीं हो सकती।
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