फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Har Ghar Tiranga Campaign from birthplace of munshi premchand jayanti lamhi varanasi

Premchand Jayanti: कथा सम्राट की जन्मस्थली से हर घर तिरंगा अभियान का शुभारंभ, जयंती पर गूंजे गगनभेदी नारे

Sun, 31 Jul 2022 10:37 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 31 Jul 2022 10:37 AM IST
सार

कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी के लमही गांव में आज उत्सव का माहौल है। कई कार्यक्रम आयोजित हैं। 

विज्ञापन
Har Ghar Tiranga Campaign from birthplace of munshi premchand jayanti lamhi varanasi
लमही गांव में तिरंगा यात्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की आज जयंती है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी के लमही गांव में उत्सव का माहौल है। कई कार्यक्रम आयोजित हैं। शनिवार सुबह लमही गांव में घर- घर तिरंगा, हर घर तिरंगा अभियान का शुभारंभ आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने किया।

विज्ञापन


लमही गांव स्थित सुभाष भवन से मुंशी प्रेमचंदी की जन्मस्थली तक बैंड-बाजे के साथ तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम और मुंशी प्रेमचंद अमर रहें जैसे नारे गूंजते रहे। कथा सम्राट के घर पर तिरंगा फहराया गया।  विशाल भारत संस्थान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान लोगों का उत्साह देखते बन रहा था।
विज्ञापन


इंद्रेश कुमार ने कहा कि आज मुंशी जी की आत्मा जरूर प्रसन्न होगी। उनके गांव के लोग उनके जन्मदिन पर तिरंगा फहरा रहे हैं। मुंशी जी के योगदान को ये दुनिया कभी भूला नहीं सकती। उनकी महान कृतियों को देशवासी अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए हमेशा पढ़ते रहेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

Har Ghar Tiranga Campaign from birthplace of munshi premchand jayanti lamhi varanasi
कथा सम्राट के घर पर फहराया तिरंगा - फोटो : अमर उजाला

पंच परमेश्वर से न्याय, ईदगाह से गरीबी का दर्द, पूस की रात से किसान की चिंता, मंत्र से अमीरी और गरीबी का फर्क, कफन से नशे की आदत जैसे सामाजिक मुद्दों के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना जगाने वाले मुंशी जी पूरी दुनिया के साहित्यकारों में सबसे ऊपर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद की अमर कृतियों के अमर चरित्र आज भी लमही गांव में कहीं न कहीं दिख जाते हैं। लमही गांव को राष्ट्रभक्ति के साहित्य की प्रयोगशाला बनानी चाहिए। 

मुंशी प्रेमचंद देश के लिए लिखते रहे, अंग्रेजों को खटकते रहे

Har Ghar Tiranga Campaign from birthplace of munshi premchand jayanti lamhi varanasi
लमही गांव में तिरंगा यात्रा - फोटो : अमर उजाला
कहा कि महान उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद को अपने अंतिम समय में यह कसक जरूर थी कि काश देश आजाद हो जाता तो घर पर तिरंगा फहरा पाते। मुंशी जी ने देश के लिए अंतिम सांस ली। देश के लिए लिखते रहे, अंग्रेजों की आंख में खटकते रहे, लेकिन हार नहीं माने। उनका सपना तिरंगे को अपने घर पर सिर्फ फहराने का नहीं, बल्कि उसको सलामी देने का था। भले ही उनके जाने के 11 साल बाद आजादी मिली हो, लेकिन उनके सपने को आज पूरा किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed