Premchand Jayanti: कथा सम्राट की जन्मस्थली से हर घर तिरंगा अभियान का शुभारंभ, जयंती पर गूंजे गगनभेदी नारे
कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी के लमही गांव में आज उत्सव का माहौल है। कई कार्यक्रम आयोजित हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की आज जयंती है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी के लमही गांव में उत्सव का माहौल है। कई कार्यक्रम आयोजित हैं। शनिवार सुबह लमही गांव में घर- घर तिरंगा, हर घर तिरंगा अभियान का शुभारंभ आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने किया।
लमही गांव स्थित सुभाष भवन से मुंशी प्रेमचंदी की जन्मस्थली तक बैंड-बाजे के साथ तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम और मुंशी प्रेमचंद अमर रहें जैसे नारे गूंजते रहे। कथा सम्राट के घर पर तिरंगा फहराया गया। विशाल भारत संस्थान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान लोगों का उत्साह देखते बन रहा था।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि आज मुंशी जी की आत्मा जरूर प्रसन्न होगी। उनके गांव के लोग उनके जन्मदिन पर तिरंगा फहरा रहे हैं। मुंशी जी के योगदान को ये दुनिया कभी भूला नहीं सकती। उनकी महान कृतियों को देशवासी अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए हमेशा पढ़ते रहेंगे।
पंच परमेश्वर से न्याय, ईदगाह से गरीबी का दर्द, पूस की रात से किसान की चिंता, मंत्र से अमीरी और गरीबी का फर्क, कफन से नशे की आदत जैसे सामाजिक मुद्दों के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना जगाने वाले मुंशी जी पूरी दुनिया के साहित्यकारों में सबसे ऊपर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेमचंद की अमर कृतियों के अमर चरित्र आज भी लमही गांव में कहीं न कहीं दिख जाते हैं। लमही गांव को राष्ट्रभक्ति के साहित्य की प्रयोगशाला बनानी चाहिए।
मुंशी प्रेमचंद देश के लिए लिखते रहे, अंग्रेजों को खटकते रहे