हजयात्रा : इस बार 16 जिलों से 2167 जायरीन जाएंगे मुकद्दस हज पर, 10 साल में 50 फीसदी घटी संख्या; यह है कारण
Varanasi News : मुकद्दस का सफर हज को जाने वाले जायरीनों की संख्या काफी घट गई है। यही कारण है कि वाराणसी में इस बार सभी आवेदनकर्ताओं का चयन कर लिया गया। हजयात्रा की सब्सिडी खत्म होने के कारण आवेदन कम आए हैं।
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पूर्वांचल से मुकद्दस सफर हज पर जाने वालों की तादाद साल दर साल घटती जा रही है। कभी पूर्वांचल भर से चार से पांच हजार तक जायरीन जाते थे। मगर, ये संख्या घटकर अब आधी हो गई है। नतीजतन इस बार जितने भी आवेदन आए, सभी का चयन कर लिया गया। लॉटरी की सिर्फ औपचारिकता ही पूरी गई। इस बार पूर्वांचल के 16 जिलों के 2167 जायरीन हज पर जाएंगे। इनमें सबसे ज्यादा वाराणसी से 698 और सबसे कम सोनभद्र के 21 जायरीन शामिल हैं।
काशी से काबा की उड़ानें बीते पांच साल से बंद हैं। पूर्वांचल भर के जायरीन यहीं से उड़ान भरते थे। मगर, वाराणसी इंबार्केशन खत्म होने के बाद जायरीन लखनऊ एयरपोर्ट से जाते हैं। इन सबके चलते किराया समेत तमाम खर्च बढ़ गए हैं। हजयात्रा की सब्सिडी खत्म कर दी गई। ऐसे में लगातार आवेदन कम होने लगे। अब आलम ये है कि अब पूर्वांचल से जायरीन का कोटा भी पूरा नहीं हो पा रहा है।
उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के प्रदेश को-ऑडिनेटर अरमान अहमद और मास्टर हज ट्रेनर अदनान खान ने बताया कि बनारस से हजयात्रा बंद होने से किराया महंगा और खर्च बढ़ने से आवेदन घटे हैं।
2019 से काशी से काबा की उड़ानें बंद
2019 से काशी से काबा की उड़ानें बंद हो गईं। तबसे फिर शुरू नहीं हुई। अदनान खान ने बताया कि कई बार यहां से दोबारा इंबार्केशन शुरू कराने की मांग की गई। 2023 में वाराणसी से उड़ानें शुरू करने की तैयारी थीं लेकिन अंतिम वक्त में कैंसिल कर दी गई।
हजयात्रा से पहले 466 जायरीन की सेहत की हुई जांच
उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के निर्देश पर पूर्वांचल हज सेवा समिति की निगरानी में तीन दिनों तक लगे हज कैंप का बुधवार को समापन हुआ। कुल 466 जायरीन की सेहत की जांच हुई और उन्हें मेडिकल सर्टिफिकेट दिया गया।
जामिया अस्पताल पीलीकोठी और जनता सेवा अस्पताल रेवड़ी तालाब में डॉ. राशिद जमाल, डॉ. आशीष कुमार ओझा की टीम ने जायरीन के बीपी, शुगर, ब्लूड, चेस्ट का एक्स-रे आदि की जांच की। जिन जायरीन के बीपी व शुगर बढ़े थे उनको नियमित दवा खाने और खानपान पर ध्यान रखने की सलाह दी गई। जामिया अस्पताल में 232 और जनता सेवा अस्पताल में 234 जायरीन के स्वास्थ्य की जांच की गई।
इस बार आए आवेदन
वाराणसी - 698, प्रयागराज - 344, मऊ - 222, आजमगढ़ - 218, गोरखपुर - 133, गाजीपुर - 97, भदोही - 65, जौनपुर - 62, चंदौली - 59, महाराजगंज - 56, कौशांबी - 47, देवरिया - 39, मिर्जापुर - 38, कुशीनगर - 35, बलिया - 33, सोनभद्र - 21
| वर्ष | जाने वालों की संख्या (पूर्वांचल) |
| 2015 | 3961 |
| 2016 | 3720 |
| 2017 | 5072 |
| 2018 | 3540 |
| 2019 | 2603 |
| 2020 | निरस्त (कोविड) |
| 2021 | निरस्त (कोविड) |
| 2022 | 1200 (लखनऊ से) |
| 2023 | 2559 (लखनऊ से) |
| 2024 | 3003 (लखनऊ से) |