{"_id":"65bcde1598b516a7e5040fab","slug":"gyanvapi-news-of-idols-installed-in-vyasji-tahkhana-from-treasury-after-2-hours-of-hard-work-2024-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gyanvapi Case: 2 घंटे की मशक्कत के बाद कोषागार से तहखाने में प्रतिष्ठापित हुए विग्रह, फिर शुरू हुई पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gyanvapi Case: 2 घंटे की मशक्कत के बाद कोषागार से तहखाने में प्रतिष्ठापित हुए विग्रह, फिर शुरू हुई पूजा
Fri, 02 Feb 2024 05:50 PM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 02 Feb 2024 05:50 PM IST
सार
व्यासजी के तहखाने में हनुमान की दो, विष्णु और गणेश की एक, दो शिवलिंग और एक मकर प्रतिमा प्राप्त हुई हैं। इन मूर्तियों को काफी मशक्कत के बाद तहखाने में प्रतिष्ठापित कराया गया। शांति बनाए रखने के लिए रात में ही काम पूरा किया गया।
विज्ञापन
व्यासजी के तहखाने में पूजा करते पुजारी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ज्ञानवापी स्थित व्यासजी के तहखाने में पूजा के आदेश के बाद वादी शैलेंद्र पाठक ने जिलाधिकारी एस राजलिंगम से मुलाकात की और देवी-देवताओं के राग-भोग की तत्काल अनुमति मांगी। तहखाने के रिसीवर जिलाधिकारी ही हैं। लिहाजा, तहखाने में विग्रह को प्रतिष्ठित करके पूजा-अर्चना शुरू करा दी गई। विग्रह चयन के लिए प्रशासन ने एएसआई की सर्वे रिपोर्ट का अध्ययन कराया, फिर कोषागार में बंद तहखाने से मिले विग्रह को दो घंटे में तहखाने में प्रतिष्ठित कराया।
विज्ञापन
एएसआई ने अपनी सर्वे रिपोर्ट में बताया कि तहखाने में हनुमान की दो, विष्णु और गणेश की एक, दो शिवलिंग और एक मकर प्रतिमा प्राप्त हुई हैं। इन विग्रहों के साथ ही 259 सामग्रियों को जिलाधिकारी की सुपुर्दगी में दिया गया था। इसे बतौर प्रमाण कोषागार में रखवाया गया है। जिला जज की अदालत से आदेश जारी होने के बाद वादी जिलाधिकारी के पास पहुंचे और जिला जज के आदेश का अनुपालन कराने की मांग रखी।
विज्ञापन
प्रशासन ने इस मामले में अधिवक्ताओं से विधिक राय लेने के बाद सबसे पहले तहखाने से विग्रह का चयन कराया। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ धाम से व्यासजी के तहखाने के बीच रास्ता बनाने के लिए विशेषज्ञों की टीम को भेजा। टीम ने चार फीट के बैरिकेडिंग को काटने और यहां गेट लगाने की सलाह दी। इसके बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों की निगरानी में व्यासजी के तहखाने तक पहुंचने के लिए ज्ञानवापी की बैरिकेडिंग को काटकर हटाया गया।
विज्ञापन
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रात में किया काम
व्यासजी के तहखाने में पूजा पाठ और राग भोग के आदेश के अनुपालन के साथ प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी प्रयासरत रहा। यही कारण है कि काशी विश्वनाथ मंदिर में शयन आरती के श्रद्धालुओं के निकलने के बाद व्यासजी के तहखाने के रास्ते का निर्माण शुरू कराया गया।
अधिकारी बोले
वादी ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन तत्काल करने का आग्रह किया। विधिक सलाह के बाद प्रशासन ने जिला जज के आदेश को लागू किया है। -एस राजलिंगम, जिलाधिकारी