ज्ञानवापी : वादमित्र हटाने संबंधी संशोधन अर्जी पर सुनवाई टली, अगली सुनवाई 12 को; विजय शंकर ने मांगा था समय
Varanasi News: ज्ञानवापी के मूल मुकदमे में मंगलवार को सुनवाई होगी। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत में इस पर बहस संभव है। इसकी जानकारी हिंदू पक्ष के अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने दी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Gyanvapi Case: सिविल जज (सीनियर डिवीजन, फास्ट ट्रैक) भावना भारती की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी से जुड़े वर्ष 1991 के पुराने मुकदमे में वादमित्र को हटाने संबंधी संशोधन प्रार्थना पत्र पर सुनवाई टल गई। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 जनवरी की तिथि निर्धारित की है।
हरिहर पांडेय की बेटियों की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा दाखिल अर्जी की प्रति अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई थी। सोमवार को उक्त अर्जी की प्रति प्राप्त होने के बाद अदालत ने सुनवाई आगे बढ़ाने में असमर्थता जताई। इससे पहले की तिथि पर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति अदालत में दाखिल की गई थी। इस पर वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी की ओर से आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था।
लिखित अर्जी दाखिल करने की मांग हुई थी
पिछली सुनवाई में वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता ने अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगाने की मौखिक दलील दी थी। इस पर वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि केवल मौखिक दलील के आधार पर वाद की कार्यवाही पर रोक नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने लिखित अर्जी दाखिल करने की मांग की थी।
उल्लेखनीय है कि हरिहर पांडेय के निधन के बाद उनकी तीन बेटियों ने वादमित्र को हटाने की अर्जी दाखिल की थी, जिसे अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है। इसके बाद बेटियों की ओर से पक्षकार बनने संबंधी अर्जी में संशोधन के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है, जिसमें वादी संख्या पांच एवं वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को हटाने की मांग की गई है। अब इस प्रकरण में अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी।