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ज्ञानवापी: वजूखाने का सर्वे एएसआई से कराने की मांग
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जिला जज की अदालत से मंगलवार को ज्ञानवापी परिसर के सील वजूखाने का सर्वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से कराने का अनुरोध किया गया। विश्व वैदिक सनातन संघ की संस्थापक सदस्य व ज्ञानवापी-मां शृंगार गौरी मुकदमे की याचिकाकर्ता राखी सिंह ने प्रार्थना पत्र दिया है। मामले में आठ सितंबर को सुनवाई होगी।
अधिवक्ता मान बहादुर सिंह, सौरभ तिवारी और अनुपम द्विवेदी ने बताया कि जिला जज की अदालत में 64 पन्ने का प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। इसके जरिये सील वजूखाने का भी सर्वे कराने की मांग की गई है। ताकि, संपूर्ण ज्ञानवापी परिसर का सच सामने आ सके। अदालत के आदेश से एएसआई की टीम ज्ञानवापी के मौजूदा स्वरूप को नुकसान पहुंचाए बगैर सुरक्षित तरीके से सर्वे का काम कर रही है। ऐसे में शिवलिंग जैसी आकृति को छोड़कर वजूखाने का भी वैज्ञानिक पद्धति से सर्वे कराने की आवश्यक है। इसमें किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।
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अधिवक्ता मान बहादुर सिंह, सौरभ तिवारी और अनुपम द्विवेदी ने बताया कि जिला जज की अदालत में 64 पन्ने का प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। इसके जरिये सील वजूखाने का भी सर्वे कराने की मांग की गई है। ताकि, संपूर्ण ज्ञानवापी परिसर का सच सामने आ सके। अदालत के आदेश से एएसआई की टीम ज्ञानवापी के मौजूदा स्वरूप को नुकसान पहुंचाए बगैर सुरक्षित तरीके से सर्वे का काम कर रही है। ऐसे में शिवलिंग जैसी आकृति को छोड़कर वजूखाने का भी वैज्ञानिक पद्धति से सर्वे कराने की आवश्यक है। इसमें किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।
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