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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी में मुस्लिम पक्ष का प्रवेश रोकने पर सुनवाई अब 21 को, अर्जी में संशोधन पर आएगा आदेश
Thu, 14 Jul 2022 02:07 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Thu, 14 Jul 2022 02:07 PM IST
सार
ज्ञानवापी प्रकरण में मस्जिद हिंदुओं को सौंपने, मुस्लिम पक्ष के प्रवेश पर प्रतिबंध समेत तीन बिंदुओं पर सिविल जज कोर्ट में दाखिल याचिका पर आज सुनवाई हुई।
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वाराणसी कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में मुस्लिम पक्ष के प्रवेश पर रोक और वहां मिले शिवलिंग के पूजा पाठ राग भोग की अनुमति दिए जाने की अर्जी में संशोधन पर बहस गुरुवार दोपहर पूरी हो गई। सिविल जज सीनियर डिवीजन फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में बहस हुई। अब अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
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ज्ञानवापी में मुस्लिम पक्ष के प्रवेश पर प्रतिबंध समेत तीन मांगों पर सिविल जज (फास्ट ट्रैक) कोर्ट में याचिका दाखिल थी। 77 पेज के प्रार्थना पत्र में तीन बिंदुओं पर संशोधन के लिए वादी अधिवक्ता ने पिछली सुनवाई में मांग की थी। प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता ने संशोधन की मांग को खारिज करने के लिए दलीलें दीं। इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई की तिथि 21 जुलाई को तय की। उस दिन अर्जी में संशोधन पर कोर्ट का आदेश आएगा।
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पिछली सुनवाई पर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में अंजुमन इंतजामिया ने वादी की तरफ से दाखिल अंतरिम निषेधाज्ञा शपथपत्र और अन्य प्रपत्रों पर आपत्ति दाखिल करने के लिए उसकी प्रति उपलब्ध कराने को कहा था। उधर वादी पक्ष ने दाखिल वाद पत्र में टाइपिंग मिस्टेक के लिए संशोधन आवेदन दिया था, जिसकी प्रति विपक्षियों को आपत्ति के लिए उपलब्ध कराई गई थी।
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यहां बता दें कि इस वाद में मुस्लिम पक्ष का ज्ञानवापी में प्रवेश रोकने, ज्ञानवापी हिंदुओं को सौंपने और जो शिवलिंग सर्वे के दौरान मिला है, उसके पूजा-पाठ राग भोग की नियमित अनुमति दिए जाने की मांग की गई है। यह याचिका विश्व वैदिक सनातन संघ के संस्थापक जितेंद्र सिंह बिसेन की पत्नी किरण सिंह की ओर से दाखिल है।