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Gyanvapi: ज्ञानवापी परिसर से बैरिकेडिंग को हटाने की मांग पर अब 8 अगस्त को सुनवाई, इस कारण बढ़ी तारीख

Wed, 26 Jul 2023 04:08 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 26 Jul 2023 04:08 PM IST
सार

ज्ञानवापी स्थित आराजी संख्या को भगवान का मालिकाना हक घोषित करने, केंद्र व राज्य सरकार से भव्य मंदिर निर्माण में सहयोग करने और 1993 में कराई गई बैरिकेडिंग को हटाने की मांग पर सुनवाई अब 8 अगस्त को होगी।  

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Gyanvapi Case Hearing on  demand to remove barricading from masjid campus now on 8 August
ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत में बुधवार को ज्ञानवापी से जुड़े ज्योतिर्लिंग लार्ड आदि विश्वेश्वर के मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया। कहा गया कि ज्ञानवापी से जुड़े मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता उसी मामले में गए हैं। ऐसे में अगली तारीख देने की मांग की गई। अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 8 अगस्त तय की। इससे पहले सोमवार को भी पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर रहने के कारण सुनवाई टल गई थी।

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इस बीच वादिनी पक्ष की तरफ से अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के उस आवेदन पर आपत्ति जताई गई, जिसमें वाद के समर्थन में दिए गए साक्ष्यों की प्रति मांगी गई है। वादिनी पक्ष ने आपत्ति आवेदन में कहा कि जो भी साक्ष्य दिए गए हैं, वह सार्वजनिक व ऐतिहासिक हैं। इसे कमेटी खुद प्राप्त कर सकती है। यह मामले को विलंबित करने का प्रयास है। इसे खारिज किया जाना चाहिए। इस आवेदन पर अदालत अगली तारीख पर सुनवाई करेगी।
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बड़ी पियरी निवासी अधिवक्ता अनुष्का तिवारी व इंदु तिवारी ने ज्योतिर्लिंग आदि विश्वेश्वर विराजमान की तरफ से अधिवक्ता शिवपूजन सिंह गौतम, शरद श्रीवास्तव और हिमांशु तिवारी के जरिये वाद दाखिल किया है।

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इसमें ज्ञानवापी स्थित आराजी संख्या को भगवान का मालिकाना हक घोषित करने, केंद्र व राज्य सरकार से भव्य मंदिर निर्माण में सहयोग करने और 1993 में कराई गई बैरिकेडिंग को हटाने की मांग की गई है। पुलिस आयुक्त, डीएम, केंद्र और यूपी के सचिव, अंजुमन इंतजामिया कमेटी और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को पक्षकर बनाया गया है।

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