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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   GRP arrested criminal of mobile thieves gang in Varanasi after taking training in Jharkhand

UP Crime: झारखंड में ट्रेनिंग लेकर वाराणसी समेत पूर्वांचल में चुराते हैं मोबाइल, गिरोह का एक आरोपी अरेस्ट

Thu, 01 Feb 2024 06:10 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: प्रगति चंद Updated Thu, 01 Feb 2024 06:10 PM IST
सार

वाराणसी सहित पूर्वांचल के अन्य शहरों में मोबाइल चोरी की घटना को 12 किशोरों का गिरोह अंजाम देता है। गिरोह के एक आरोपी को जीआरपी ने अरेस्ट किया है। आरोपी से पूछताछ में कई जानकारी मिली है।  

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GRP arrested criminal of mobile thieves  gang in Varanasi after taking training in Jharkhand
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

वाराणसी शहर और पूर्वांचल में चोरी हुए मोबाइल सेट को झारखंड के तालझाड़ी, राजमहल आदि इलाकों में बेचा जाता है। मोबाइल चोरी के लिए झारखंड में किशोरों और युवाओं को तीन माह की ट्रेनिंग देकर यहां भेजा जाता है। तालझाड़ी में दबिश देना पुलिस के लिए आसान नहीं है। यहां जाने के लिए तीन किमी के ताल को नाव से पार करना पड़ता है। मोबाइल चोरी के अंतरराज्यीय गिरोह के एक बदमाश को कैंट जीआरपी ने पकड़ा है। आरोपी ने बताया कि उसके गिरोह के 12 किशोर मोबाइल चोरी करते हैं।

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जीआरपी कैंट के अनुसार गिरोह के बदमाश शहर के भीड़भाड़ वाले प्रमुख स्थानों, सरकारी अस्पतालों, मंदिरों और रेलवे स्टेशनों पर मोबाइल चोरी करते हैं। मोबाइल चोरी करने के बाद तय स्थान पर इकट्ठा होते हैं और मोबाइल झारखंड पहुंचाते हैं। सभी सुंदरपुर, खोजवां, कैंट समेत अन्य क्षेत्रों में किराये के कमरे और सस्ते लॉज में अपना ठिकाना बनाए हैं।
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कैंट जीआरपी के एक इंस्पेक्टर ने बताया कि झारखंड के तालझाड़ी, राजमहल थाना क्षेत्र में तीन हजार रुपये में मोबाइल बेची जाती है। चोरी का मोबाइल झारखंड में एक मोबाइल डीलर दो हजार रुपये में खरीदता है। तालझाड़ी में जल्दी कोई पहुंच नहीं सकता है। गांव में पहुंचने के लिए तीन किमी नाव से सफर करना पड़ता है। चोरी करने की गांव में ट्रेनिंग दी जाती है।
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जीआरपी के अनुसार मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह का नेटवर्क इतना तगड़ा है कि पुलिस और जीआरपी की लोकेशन उनके पास होती है। यदि गिरोह का कोई सदस्य पकड़ा जाता हैं तो उसे छुड़ाने के लिए अधिवक्ता पहुंच जाते हैं। नाबालिग होने के कारण तुरंत जमानत मिल जाती है।

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आईफोन के पार्ट्स अलग-अलग करके बेचे जाते

चोरी के आईफोन के पार्ट्स अलग-अलग करके बेच दिए जाते हैं। 60 से 80 हजार का मोबाइल के पार्ट्स अलग-अलग करके बेचने पर 40 से 50 हजार रुपये मिलते हैं। जबकि आईफोन चोरी करने वाले को डीलर महज दो हजार रुपये देता है।

क्या कहते हैं अधिकारी
मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह का कनेक्शन झारखंड के तालझाड़ी समेत अन्य क्षेत्रों से है। गिरोह के एक सदस्य को पकड़ा गया है। आरोपी के पास से मोबाइल बरामद हुआ है। -हेमंत सिंह, जीआरपी इंस्पेक्टर, कैंट
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