हाईकोर्ट से हरी झंडी: वाराणसी में ट्रांसपोर्ट नगर योजना का रास्ता साफ, हाल में जमीन को लेकर हुआ था भारी बवाल
वाराणसी विकास प्राधिकरण ने ट्रांसपोर्ट नगर योजना वर्ष 1996 में शुरू की थी, लेकिन इसका नोटिफिकेशन 2000 में जारी हुआ था। तमाम किसान योजना का विरोध कर रहे हैं। इसी वजह से हाल ही में विवाद व लाठीचार्ज की नौबत आ गई।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर योजना के धरातल पर उतरने की उम्मीद जग गई है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) प्रशासन जल्द ही 23 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा लेगा। इस जमीन का मुआवजा दिया जा चुका है। 20 हेक्टेयर जमीन पर पहले ही कब्जे में ली जा चुकी है।
जिन किसानों ने मुआवजा नहीं लिया है, वे अब मुआवजे के लिए भूमि अध्याप्ति कार्यालय में दावा करेंगे। सहमति बनने के बाद भूमि अध्याप्ति अधिकारी मुआवजे की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजेंगे। वीडीए ने ट्रांसपोर्ट नगर योजना वर्ष 1996 में शुरू की थी, लेकिन इसका नोटिफिकेशन 2000 में जारी हुआ था।
86 हेक्टेयर में से 82 हेक्टेयर ही जमीन मिल सकी
तमाम किसान योजना का विरोध कर रहे हैं। इसी वजह से हाल ही में विवाद व लाठीचार्ज की नौबत आ गई। वीडीए प्रशासन ने 100 से ज्यादा किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इनमें से 16 नामजद किए गए। 11 किसानों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया। हालांकि ज्यादातर किसानों को जमानत मिल चुकी है।
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वीडीए से मिली जानकारी के मुताबिक ट्रांसपोर्टनगर योजना के लिए वर्ष 2003 में 86 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई थी। इनमें से 82 हेक्टेयर ही जमीन मिल सकी। चार हेक्टेयर जमीन का चिह्नांकन नहीं हो सका है।
20 हेक्टेयर जमीन पर वीडीए का कब्जा
जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से वीडीए ने 16 मई 2023 को ट्रांसपोर्ट नगर की अधिग्रहीत 20 हेक्टेयर जमीन को कब्जे में लिया है। जिन किसानों ने मुआवजा लिया है, उनकी 23 हेक्टेयर जमीन और ली जानी है, क्योंकि वीडीए 43 हेक्टेयर जमीन का मुआवजा बांट चुका है। 35 हेक्टेयर जमीन ऐसी है, जिसका मुआवजा किसानों ने नहीं लिया है।