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जैविक विधि से खेती के लिए मिलेगा अनुदान
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वाराणसी। जिले के किसानों को पहली बार जैविक विधि से फल और सब्जी की खेती (औद्यानिक खेती) करने के लिए अनुदान मिलेगा। इसके साथ ही केंचुआ खाद तैयार करने के लिए आर्थिक मदद और जानकारी भी दी जाएगी।
उद्यान विभाग की ओर से जिले में जैविक विधि से औद्यानिक खेती को बढ़ावा देने और पोषक युक्त फल और सब्जी की खेती के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को चार हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान देने की योजना है। जिले में 40 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। जबकि वर्मी कंपोस्ट बेड लगाने के लिए 40 किसानों का चयन करने का लक्ष्य है। पक्की वर्मी कंपोस्ट इकाई निर्माण के लिए 18 किसानों को चयनित किया जाना है।
रासानिक खाद और कीटनाशक के बगैर गोबर खाद, हरी खाद सहित प्राकृतिक विधि से औद्यानिक खेती के लिए किसानों का समूह तैयार किया जाएगा। इसके लिए किसानों को तीन साल तक प्रति हेक्टेयर की दर से चार हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा। वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार करने के लिए किसानों को बेड़ तैयार कराया जाएगा। 10 हजार रुपये की लागत से तैयार होने वाले बेड पर आठ हजार रुपये की आर्थिक मदद और अच्छी प्रजाति का केंचुआ दिया जाएगा। बेड के निर्माण लिए 40 किसानों के चयन का लक्ष्य है। जबकि एक लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाली पक्की वर्मी कंपोस्ट इकाई के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
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वर्जन-------
एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को औद्यानिक खेती और वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार करने के लिए आर्थिक मदद देने की योजना है। किसान योजना का लाभ लेने के लिए उद्यान विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं या कचहरी स्थित कंपनी बाग कार्यालय में आकर आवेदन करा सकते हैं। - सुभाष कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
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उद्यान विभाग की ओर से जिले में जैविक विधि से औद्यानिक खेती को बढ़ावा देने और पोषक युक्त फल और सब्जी की खेती के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को चार हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान देने की योजना है। जिले में 40 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। जबकि वर्मी कंपोस्ट बेड लगाने के लिए 40 किसानों का चयन करने का लक्ष्य है। पक्की वर्मी कंपोस्ट इकाई निर्माण के लिए 18 किसानों को चयनित किया जाना है।
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रासानिक खाद और कीटनाशक के बगैर गोबर खाद, हरी खाद सहित प्राकृतिक विधि से औद्यानिक खेती के लिए किसानों का समूह तैयार किया जाएगा। इसके लिए किसानों को तीन साल तक प्रति हेक्टेयर की दर से चार हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा। वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार करने के लिए किसानों को बेड़ तैयार कराया जाएगा। 10 हजार रुपये की लागत से तैयार होने वाले बेड पर आठ हजार रुपये की आर्थिक मदद और अच्छी प्रजाति का केंचुआ दिया जाएगा। बेड के निर्माण लिए 40 किसानों के चयन का लक्ष्य है। जबकि एक लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाली पक्की वर्मी कंपोस्ट इकाई के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
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एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को औद्यानिक खेती और वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार करने के लिए आर्थिक मदद देने की योजना है। किसान योजना का लाभ लेने के लिए उद्यान विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं या कचहरी स्थित कंपनी बाग कार्यालय में आकर आवेदन करा सकते हैं। - सुभाष कुमार, जिला उद्यान अधिकारी