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माध्यमिक शिक्षा विभाग में 12 करोड़ का जीपीएफ घोटाला

Fri, 17 Mar 2017 06:00 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया Updated Fri, 17 Mar 2017 06:00 PM IST
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GPF scam of 12 crores in secondary education department UP
क्राइम

बलिया के माध्यमिक शिक्षा विभाग में सालों पहले हुए 12 करोड़ के जीपीएफ घोटाला का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। जांच के लिए छह सदस्यीय दो टीमें पिछले तीन दिनों से जिले में डेरा डाले हुए हैं। जांच में पूर्व में तैनात रहे सात डीआईओएस व दो वित्त लेखाधिकारी दोषी पाए गए हैं।

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जांच टीम दोषी अधिकारियों के साथ ही संबंधित विद्यालय के प्रबंधक व प्राचार्य से वसूली की कार्रवाई में जुटी है। हालांकि बोर्ड परीक्षा होने के कारण इसमें कठिनाई सामने आ रही है।  बताया जाता है कि वर्ष 1994-95 व वर्ष 2003 से 2011 तक लगातार जीपीएफ खाते से कुल 104 अनियमित शिक्षकों के वेतन का भुगतान किया गया।
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हालांकि इस मामले खुलासा सबसे पहले वर्ष 2002 में हुई और विजिलेंस टीम ने 379 शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के खिलाफ बलिया कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया और इसके बाद टीम ने शासन को जांच रिपोर्ट भी सौंपी। लेकिन सत्ता तक पहुंच रखने वाले अधिकारियों के जुगाड़ से सालों तक मामला दबा रहा।
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इतना ही नहीं इसके बाद भी वर्ष 2003 से लेकर वर्ष 2011 तक लगातार जीपीएफ खाते ही शिक्षकों के वेतन का भुगतान किया जाता रहा। तीन दिनों पहले शासन के निर्देश पर वित्त विभाग के छह अधिकारियों की दो टीमें जिले में पहुंची।

तत्कालीन सात डीआईओएस, दो वित्त एवं लेखाधिकारी पाये गए हैं दोषी

GPF scam of 12 crores in secondary education department UP
rupee

​टीम यह पता करने में जुटी है कि कितने शिक्षकों को जीपीएफ खाते से वेतन का भुगतान किया गया है। टीम ने पड़ताल की कार्रवाई पूरी कर ली है और जिले में कुल 358 अनियमित शिक्षकों के सापेक्ष 104 शिक्षकों के वेतन जीपीएफ खाते से होने की पुष्टि हो चुकी है।

अब टीम दोषियों से वसूली की कार्रवाई में जुटी है। दोषियों में तत्कालीन साल जिला विद्यालय निरीक्षक व दो वित्त एवं लेखाधिकारी भी है। बताया जाता है दोषी अधिकारियों के साथ ही संबंधित विद्यालय के प्रबंधक व प्रधानाचार्य से रिकवरी की तैयारी में टीम जुटी है।

एक टीम की अगुवाई वित्त विभाग के सहायक लेखाधिकारी रवि प्रकाश द्विवेदी कर रहे हैं तो दूसरी टीम की अगुवाई लेखाधिकारी शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की है।

 

जांच में ये मिले हैं दोषी

बलिया। जीपीएफ घोटाला में सालों पहले तैनात रहे सात जिला विद्यालय निरीक्षक दोषी पाए गए हैं। इसमें मनोज कुमार द्विवेदी, उमेश कुमार त्रिपाठी, आर गणेश (सिटी मजिस्ट्रेट व प्रभारी डीआईओएस), शिवप्रकाश ओझा, राकेश कुमार (एसोसिएट डीआईओएस), रामशरण सिंह, योगेन्द्र कुमार सिंह शामिल हैं। इसके अलावा सालों पहले तैनात रहे वित्त एवं लेखाधिकारी कमलाकांत व दिलीप कुमार पांडेय भी दोषी मिले हैं।

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