UP: तीन दिन में 4 विश्वविद्यालयों के दीक्षांत में शामिल होंगी राज्यपाल, देंगी पदक; सुविधाओं की लेंगी जानकारी
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अपने तीन दिवसीय दौरे में चार विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। वह मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को उपलब्ध शैक्षणिक, शोध व अन्य सुविधाओं की भी जानकारी लेंगी। कार्यक्रमों को लेकर संबंधित विश्वविद्यालयों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
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वाराणसी सहित पूर्वांचल के चार विश्वविद्यालयों का दीक्षांत समारोह तीन दिन में मनाया जाएगा। 27 से 29 जुलाई तक होने वाले इन समारोहों में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल शामिल होंगी। मुख्य अतिथि के साथ राज्यपाल स्वर्ण पदक वितरित करने के साथ ही विवि में विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा भी करेंगी। इसे लेकर विश्वविद्यालयों में तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
विश्वविद्यालयों में समय से प्रवेश, परीक्षा कराकर परिणाम समय से जारी करने के साथ ही राज्यपाल ने हर हाल में जुलाई में दीक्षांत समारोह मनाए जाने का निर्देश दिया था। इसे देखते हुए विश्वविद्यालयों में तिथि तय करने के साथ ही मुख्य अतिथि के नाम पर भी मुहर लग चुकी हैं।
स्थानीय स्तर पर काशी विद्यापीठ का समारोह 28 जुलाई को मनाया जाएगा। इसके लिए स्वर्ण पदक पाने वालों की सूची फाइनल हो चुकी हैं। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में होने वाले आयोजन की अध्यक्षता राज्यपाल करेंगी। इसके अलावा 29 जुलाई को संपूर्णानंद संस्कृत विवि का समारोह होगा। इससे पहले 27 जुलाई को बलिया और 28 जुलाई को जौनपुर में समारोह मनाया जाएगा।
मॉक पार्लियामेंट में विद्यार्थियों ने उठाया अधिकार और सुरक्षा का मुद्दा
बीएचयू मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में आयोजित काशी यूथ समिट : मॉक पार्लियामेंट में विद्यार्थियों ने अधिकार और सुरक्षा का मुद्दा उठाया। इस दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं, नेतृत्व क्षमता आदि के बारे में जानकारी दी गई।
कला संकाय के भाषा विज्ञान विभाग की ओर से हुए कार्यक्रम में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने विचार रखने का अवसर प्रदान करना लोकतंत्र के मूल आधारों में से एक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र विचारों की विविधता का सम्मान करता है। मॉक पार्लियामेंट जैसे आयोजन विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, प्रभावी अभिव्यक्ति, नेतृत्व क्षमता और संवाद कौशल का विकास करते हैं, जो किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कला संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने कहा कि समसामयिक विषयों पर युवाओं के बीच गंभीर और रचनात्मक विमर्श समय की आवश्यकता है। छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह ने मॉक पार्लियामेंट के लिए चयनित विषय वर्तमान समय के अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रासंगिक मुद्दों से जुड़े हैं। प्रो. अभिनव कुमार मिश्र, सौम्या शुक्ला मौजूद रहे।