फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   government gives relief for handscraftsman in GST

सरकार ने दिया हस्तशिल्पियों को बड़ा तोहफा, अब देश में बिखरेगी पूर्वांचल के शिल्प की चमक

Mon, 11 Sep 2017 05:33 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 11 Sep 2017 05:33 PM IST
विज्ञापन
government gives relief for handscraftsman in GST
हथकरघा व हस्तशिल्प उद्योग को जीएसटी से मिली राहत - फोटो : अमर उजाला
भारत सरकार ने पूर्वांचल लगायत पूरे देश के शिल्पियो को बड़ी राहत दी है। अब बिना किसी रोक टोक के 20 लाख रुपये तक का कारोबार व्यक्तिगत शिल्पी वार्षिक रूप से किसी भी राज्य में जा कर कर सकेगा। पूर्वांचल के शिल्पियों ने इस फैसले का जोरदार स्वागत किया है।
विज्ञापन


वाराणसी लगायत पूरे पूर्वांचल के शिल्पी अपनी कलाकृति को बिना जीएसटी के किसी भी राज्य में ले जा सकते हैं। बनारस, दुनिया का सबसे बड़ा जीआई पंजीकृत हस्तशिल्प का केंद्र है।
विज्ञापन


लगभग 15 लाख लोग हस्तशिल्प से जुड़े हैं। इसके माध्यम से पूर्वांचल में 18500 करोड़ का वार्षिक कारोबार होता है जिसके चलते बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राज्य के अंदर भी शिल्प के सामान ले जाने पर यह छूट है। शिल्पी के पास अपना आधारकार्ड, शिल्पी पहचानपत्र होना चाहिए। शिल्पियों को आने वाले समय में पैनकार्ड भी जरूरी होगा। ताकि बैंक से कारोबार में आसानी हो सके।

हस्तशिल्पी अनिल कसेरा, प्रेम शंकर विश्वकर्मा, रामेश्वर सिंह, बच्चेलाल मौर्या, जमालुद्दीन अंसारी, प्यारेलाल मौर्य, जीनत, नुशरत, अंशुया, रजिया, कैसरजहा, बलरामदास, तरुण सिंह, शिवानंद, सुदामा, किरण विश्वकर्मा, सुरेश कुमार, शोहित प्रजापति, पप्पू प्रजापति ने जीएसटी में शिल्पियों को राहत मिलने की सराहना की है।

हथकरघा एवं हस्तशिल्प, बनारस की परंपरा का हिस्सा रहा है जिसके कारण काशी प्राचीन काल से व्यावसायिक केंद्र के रूप में भी पूरी दुनिया में विख्यात रहा है। यहां की उत्कृष्ट हथकरघा तथा परंपरागत हस्तशिल्प आज भी आर्कषण का केंद्र है।

बनारस परिक्षेत्र एवं आसपास के जनपदों में लगभग 10 लाख लोग, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की तादाद है, लगभग 20 हजार करोड़ के कारोबार के साथ किसी न किसी पारंपरिक कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प एवं हथकरघा से जुड़कर कार्य करते हैं।

वर्तमान समय में इन उद्योगों पर विभिन्न कारणों से गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है तथा बुनकरों, शिल्पियों, कारीगरों का पलायन हो रहा है। इसको लेकर चिंता चल ही रही थी कि उसी दौरान जीएसटी लगने से इस उद्योग पर संकट के बादल मंडराने लगे थे।

विभिन्न शिल्प से जुड़े लोगों ने इसको लेकर पीएम, सीएम को पत्र लिखा था। आखिरकार सरकार ने उनकी सुन ली और बड़ी राहत दी है।


 

देश की बौद्धिक संपदा अधिकार का दर्जा प्राप्त

government gives relief for handscraftsman in GST
दूसरे राज्यों में बिना जीएसटी के ले जा सकते हैं कलाकृति - फोटो : अमर उजाला
वर्तमान समय में आठ जीआई पंजीकृत उत्पादों के साथ बौद्धिक संपदा अधिकार का हब बनारस बन गया है। देश का पहला शहर है जहां इतने बड़े पैमाने पर जीआई पंजीकृत उत्पाद हैं।

बनारस ब्रोकेड एवं साड़ी, भदोही की कालीन, वाराणसी लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी, मिर्जापुर दरी, मेटल रिपोजी क्राफ्ट एवं निजामाबाद ब्लैक पाटरी, वाराणसी ग्लास बीड्स का जीआई पंजीकरण हो गया है।

देश की बौद्धिक संपदा अधिकार का दर्जा प्राप्त हो गया है। वहीं साफ्टस्टोन अंडर कटवर्क, चुनार बलुआ पत्थर, गाजीपुर वालहैंगिंग भी जीआई पंजीकरण के अंतिम चरण में है। इसके कारण काशी क्षेत्र दुनिया का सर्वाधिक जीआई पंजीकरण वाला हब बन चुका है।

प्रमुख हस्तशिल्प
- भदोही हस्तनिर्मित कालीन
- बनारस गुलाबी मीनाकारी
- वाराणसी लकड़ी के खिलौने
- मिर्जापुर हस्तनिर्मित दरी
- बनारसी मेटल क्राफ्ट
- रेशम एवं जरी के बैज बनाने का कार्य
- बनारसी कुंदनकारी
- साफ्टस्टोन अंडर कटवर्क एवं स्टोन कार्विगिं क्राफ्ट
- वाराणसी के रामनगर
- हैंड पेंटिंग, हैंड ब्लाक एवं स्क्रीन पेंटींग एवं प्रिटिंग, ग्लास पेटिंग
- मूंज, बांस, जूट (वाल हैंगिंग) क्राफ्ट
- निजामाबाद ब्लैक पाटरी
- क्रोसिया क्राफ्ट, एप्लिक एवं पैचवर्क
- गोरखपुर टेराकोटा क्राफ्ट
- संगीत वाद्य यंत्र (संगीत के परंपरागत उपकरण) 
- गोरखपुर कटवर्क चादर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed