वाराणसी में रोपवे: प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार की मदद लेगा शासन, कमिश्नर बोले लखनऊ में मंथन के बाद बनी सहमति
रोपवे प्रोजेक्ट के लिए वीडीए ने शासन को नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी को परियोजना के क्रियान्वयन करने के लिए नामित करने का प्रस्ताव भेज दिया है।
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वाराणसी शहर को जाम के झाम से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित रोपवे प्रोजेक्ट पर लखनऊ में शनिवार को मंथन हुआ। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र की की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में वाराणसी के कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक की गई कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मीटिंग में शासन स्तर पर इस प्रोजेक्ट पर केंद्र सरकार की मदद लेने पर सहमति बनी। रोपवे प्रोजेक्ट पर चर्चा के दौरान अब तक किसी भी कंपनी के शामिल न होने की वजह से लेकर सरकारी एजेंसियों से इस प्रोजेक्ट को पूरा कराने पर विचार किया गया। इसके लिए एनएचएआई, नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट को नामिल करने पर भी विचार हुआ।
कमिश्नर ने अब तक की कार्रवाई की दी जानकारी
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि पीपीपी मॉडल पर प्रस्तावित रोपवे की पायलट परियोजना के नवंबर माह में ही वीडीए की ओर से निविदा आमंत्रित की गई थी। चरणबद्ध तरीके से समय भी बढ़ाया गया। 15 अप्रैल 2022 अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी किसी भी कंपनी ने निविदा नहीं डाली।
उन्होंने बताया कि वीडीए ने शासन को नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी को परियोजना के क्रियान्वयन करने के लिए नामित करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। इस एजेंसी को रोपवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अधिकृत संस्था नामित किया गया है। कैंट रेलवे स्टेशन के पास बनने वाले पहले स्टेशन को लेकर भी विचार किया जा रहा है।