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गूगल ब्वॉय कौटिल्य ने काशी में की वेद अध्ययन की शुरुआत
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 25 Dec 2017 02:23 PM IST
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कौटिल्य पंडित स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से वेद अध्यन आरम्भ कराते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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गूगल ब्वॉय के नाम से मशहूर प्रतिभाशाली बालक कौटिल्य पंडित ने काशी में शनिवार से वेद अध्ययन आरंभ किया। उपनयन संस्कार के दो वर्ष बाद कौटिल्य सर्व विद्या की राजधानी में वेद पढ़ने आया है। शंकराचार्य वेद महाविद्यालय में वह पढ़ाई करेगा।
कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तरीय शाखा के मंत्रों का पाठ उसने बटुकों के साथ किया। शाम को वह गंगा आरती में भी पहुंचा। केदार घाट स्थित श्रीविद्या मठ में हरियाणा के करनाल जिला स्थित कोहड़ गांव निवासी कौटिल्य पंडित की असाधारण प्रतिभा से वेद विद्यालय के तमाम बटुक चकित थे।
अपने गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के साथ वह घंटों विद्वानों के हर सवालों का जवाब देता रहा। बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने के बाद उसने शनिवार सुबह विद्या मठ में अध्ययन शुरू किया।
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गला ठीक न होने की वजह से वह सामवेद की पढ़ाई कुछ दिन बाद आरंभ करेगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उसके वेद अध्ययन की शुरुआत कराई। कौटिल्य से मिलने, बात करने के लिए विद्या मठ में लोगों की भीड़ लगी रही।
इसके बाद कौटिल्य पड़ाव स्थित जयपुरिया स्कूल पहुंचा। वहां बच्चों ने गूगल ब्वॉय से मुलाकात की। कौटिल्य ने बच्चों के सवालों के जवाब भी दिए। रविवार सुबह कौटिल्य शंकराचार्य घाट पर गंगा-तिरंगा ध्वज फहराया।
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कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तरीय शाखा के मंत्रों का पाठ उसने बटुकों के साथ किया। शाम को वह गंगा आरती में भी पहुंचा। केदार घाट स्थित श्रीविद्या मठ में हरियाणा के करनाल जिला स्थित कोहड़ गांव निवासी कौटिल्य पंडित की असाधारण प्रतिभा से वेद विद्यालय के तमाम बटुक चकित थे।
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अपने गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के साथ वह घंटों विद्वानों के हर सवालों का जवाब देता रहा। बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने के बाद उसने शनिवार सुबह विद्या मठ में अध्ययन शुरू किया।
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गला ठीक न होने की वजह से वह सामवेद की पढ़ाई कुछ दिन बाद आरंभ करेगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उसके वेद अध्ययन की शुरुआत कराई। कौटिल्य से मिलने, बात करने के लिए विद्या मठ में लोगों की भीड़ लगी रही।
इसके बाद कौटिल्य पड़ाव स्थित जयपुरिया स्कूल पहुंचा। वहां बच्चों ने गूगल ब्वॉय से मुलाकात की। कौटिल्य ने बच्चों के सवालों के जवाब भी दिए। रविवार सुबह कौटिल्य शंकराचार्य घाट पर गंगा-तिरंगा ध्वज फहराया।