राष्ट्रपति को सौंपी गोमती एक्शन प्लान की प्रोजेक्ट रिपोर्ट
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गोमती नदी के तटों का सुंदरीकरण करने, नदी की स्थिति की निरंतर जांच करने के लिए एक स्वच्छ गोमती लैबोरेटरी की स्थापना करने के लिए तैयार किया गया है। अभियान के संरक्षक नीरज गुप्ता ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट सौंप कर स्वच्छ गोमती अभियान के बारे में राष्ट्रपति को जानकारी दी।
उन्होंने बताया विभिन्न वैज्ञानिक अनुसंधानों में भी यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि बिना गोमती नदी की सफाई किए गंगा नदी की सफाई की कल्पना करना भी बेमानी होगा।
यह भी जानकारी दी कि संकट मोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र के शुरू कराए इस अभियान में धीरे-धीरे भारी जनमानस जुड़ता गया। इसके कारण मां गोमती के निर्मलीकरण के लिए जन आंदोलन खड़ा हो सका।
राष्ट्रपति को दिया जौनपुर आने का निमंत्रण
इसमें प्रमुख रूप से प्रो. सिद्धनाथ उपाध्याय, प्रो. शांतनु मिश्र, प्रो. विवेक कुमार, प्रो. विमल चंद्र, प्रो. अमरीश अधाना का विशेष सहयोग रहा है। संरक्षक ने राष्ट्रपति को अभियान का स्मृति चिह्न व अंग वस्त्र भेंटकर जौनपुर आने का निमंत्रण दिया।
संकटमोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष व महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र की ओर से प्रो. विजयनाथ मिश्र ने राष्ट्रपति को पुष्पगुच्छ दिया। पूरी बात को ध्यान से सुनने के बाद राष्ट्रपति ने गोमती समेत देश की सभी नदियों पर चिंता जाहिर की। इस मौके पर अभियान के विधिक सलाहकार, केंद्रीय गंगा अधिनियम ड्राफ्ट रिव्यू कमेटी के सदस्य अरुण गुप्ता, अतुल कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।