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Varanasi News: 35 लाख रुपये दो नहीं तो फर्जी केस में फंसा देंगे
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सर्किट हाउस के पास अधिकारी आवास में रहने वाले सहायक अभियोजन अधिकारी दीपक कुमार ने 35 लाख रुपये रंगदारी मांगने और धमकाने के आरोप में कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। अभियोजन अधिकारी के अनुसार इससे पहले उनसे 10 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है।
अभियोजन अधिकारी ने बताया कि उनके मोबाइल पर राधेश्याम तिवारी नामक व्यक्ति कॉल कर पैसे की मांग कर रहा है। पैसे देने से मना करने पर फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है। इसके पीछे प्रयागराज की अलकापुरी कॉलोनी, अशोक नगर के अशोक कुमार पांडेय और सहारनपुर के जनक नगर की शालिनी शर्मा का हाथ है।
अशोक और खुशी उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों को भ्रमित कर गलत तथ्यों को प्रस्तुत कर लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हैं। फिर, समझौते के नाम पर पैसे और प्रॉपर्टी की मांग करते हैं। इससे पहले भी अशोक और शालिनी ने उच्च न्यायालय को गलत तथ्य बता कर उनके ऊपर प्रयागराज के जार्जटाउन थाना में फर्जी एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद उन्हें नौकरी से निकलवाने की धमकी देकर 10 लाख रुपये की मांग की गई। अपनी नौकरी के साथ ही समाज में इज्जत बचाने के लिए उन्होंने पर्सनल लोन लेकर 10 लाख रुपये अशोक को दिया। एफआईआर की विवेचना में अपराध होना नहीं पाया गया था और अंतिम रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गई थी। अब इन लोगों ने 35 लाख रुपये की मांग की है। कहा है कि पैसा नहीं दोगे तो हम तुम्हारी नौकरी खा जाएंगे। जब उन्हें कहा गया कि पैसा नहीं देंगे तो अशोक कुमार ने हाईकोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया। कहा कि उससे हमारा 35 लाख रुपये पर समझौता हुआ था जो हमने नहीं दिया। जबकि, कभी ऐसा समझौता ही नहीं हुआ था। इससे हाईकोर्ट को भी अवगत कराया गया। इसके अलावा शालिनी शर्मा द्वारा सहारनपुर के जनक नगर थाने में छह लोगों पर फर्जी रिपोर्ट दर्ज करा कर उनकी करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया गया। इसी तरह के अन्य मामले भी हैं। इन लोगों का एक गिरोह है, जिसमें शालिनी शर्मा कभी खुशी सिंह बनकर तो कभी अपनी बहनों को आगे कर कोर्ट को गुमराह कर फर्जी मुकदमा का आदेश करा कर ठगने का काम कर रहे हैं। इस गलत काम में शालिनी की मदद सहारनपुर के रामपुर मनिहारनपुर का वसीम अहमद भी करता है। उधर, इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट अरविंद कुमार सरोज ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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अभियोजन अधिकारी ने बताया कि उनके मोबाइल पर राधेश्याम तिवारी नामक व्यक्ति कॉल कर पैसे की मांग कर रहा है। पैसे देने से मना करने पर फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है। इसके पीछे प्रयागराज की अलकापुरी कॉलोनी, अशोक नगर के अशोक कुमार पांडेय और सहारनपुर के जनक नगर की शालिनी शर्मा का हाथ है।
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अशोक और खुशी उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों को भ्रमित कर गलत तथ्यों को प्रस्तुत कर लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हैं। फिर, समझौते के नाम पर पैसे और प्रॉपर्टी की मांग करते हैं। इससे पहले भी अशोक और शालिनी ने उच्च न्यायालय को गलत तथ्य बता कर उनके ऊपर प्रयागराज के जार्जटाउन थाना में फर्जी एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद उन्हें नौकरी से निकलवाने की धमकी देकर 10 लाख रुपये की मांग की गई। अपनी नौकरी के साथ ही समाज में इज्जत बचाने के लिए उन्होंने पर्सनल लोन लेकर 10 लाख रुपये अशोक को दिया। एफआईआर की विवेचना में अपराध होना नहीं पाया गया था और अंतिम रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गई थी। अब इन लोगों ने 35 लाख रुपये की मांग की है। कहा है कि पैसा नहीं दोगे तो हम तुम्हारी नौकरी खा जाएंगे। जब उन्हें कहा गया कि पैसा नहीं देंगे तो अशोक कुमार ने हाईकोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया। कहा कि उससे हमारा 35 लाख रुपये पर समझौता हुआ था जो हमने नहीं दिया। जबकि, कभी ऐसा समझौता ही नहीं हुआ था। इससे हाईकोर्ट को भी अवगत कराया गया। इसके अलावा शालिनी शर्मा द्वारा सहारनपुर के जनक नगर थाने में छह लोगों पर फर्जी रिपोर्ट दर्ज करा कर उनकी करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया गया। इसी तरह के अन्य मामले भी हैं। इन लोगों का एक गिरोह है, जिसमें शालिनी शर्मा कभी खुशी सिंह बनकर तो कभी अपनी बहनों को आगे कर कोर्ट को गुमराह कर फर्जी मुकदमा का आदेश करा कर ठगने का काम कर रहे हैं। इस गलत काम में शालिनी की मदद सहारनपुर के रामपुर मनिहारनपुर का वसीम अहमद भी करता है। उधर, इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट अरविंद कुमार सरोज ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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