गाजीपुर हिंसा का मुख्य आरोपी बोला, घटना के लिए भाजपा जिम्मेदार
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अगर कानूनी तौर पर मैं मुख्य अपराधी माना जाता हूं तो मैं खुद सरेंडर कर दूंगा। उसने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निषाद समुदाय की मांगों को पूरा करने का वादा किया था लेकिन कुछ नहीं हुआ। हमारी मांगो को न ही लोकसभा न ही राज्यसभा में रखा गया। आरोपी ने कहा कि अगर निषादों को आरक्षण नहीं दिया गया तो वे लोग लगातार प्रदर्शन करते रहेगें।
बताते चलें कि गाजीपुर में आरक्षण की मांग को लेकर निषाद समाज के लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। पीएम की सभा समाप्त होने के बाद बीते शनिवार की शाम एकाएक कठवामोड़ पुल पर जाम लग गया।
जाम देख पीएम की सभा से वापस लौट रही करीमुद्दीनपुर थाने की पुलिस जाम समाप्त कराने में जुट गई। तभी धरने पर बैठे लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस बीच कई वाहनों के शीशे टूटे। आंदोलनकारियों ने एक पुलिसकर्मी की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
Arjun Kashyap,Nishad party, accused in stone pelting incident in #Ghazipur: BJP is in power. They've done it. Their people are the main accused. Our ppl also might have done it later, but stones were not pelted on policemen. If as per law, I'm the main accused,then I’ll surrender pic.twitter.com/KgiaCejP7j
— ANI UP (@ANINewsUP) January 3, 2019
Arjun Kashyap,Nishad party: Even Yogi ji promised to fulfill the demands of Nishad community, but nothing has been done. There's no one in LS or RS to raise our demands. We'll keep protesting till we get reservation for our ppl. If we don’t get our right, we'll form our own govt https://t.co/gJElLSokPE
— ANI UP (@ANINewsUP) January 3, 2019
अर्जुन पर 25 हजार रुपये का इनाम
पुलिस टीम ने अर्जुन कश्यप के भाई हरेंद्र कश्यप सहित क्षत्रपति निषाद के पिता पारसनाथ निषाद को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद संबंधित धाराओं में चालान किया गया है। कठवामोड पुल के पास बीते 29 दिसंबर को सड़क जाम के दौरान पुलिस पर पथराव, तोड़फोड़ और मारपीट में एक हेड कांस्टेबिल की जान चली गई थी।
इस प्रकरण में कुल 32 लोगों को नामजद तथा 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में नोनहरा थाने से अब तक नामजद और अज्ञात लेकर कुल 32 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस बीच पुलिस ने कई संदिग्धों को भी उठाया था। लेकिन पूछताछ करे के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
मुख्य आरोपी अर्जुन कश्यप पर अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। शुक्रवार देर शाम एसपी ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है, साथ ही उसके भाई हरेंद्र कश्यप और घटना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले क्षत्रपति निषाद के पिता पारसनाथ निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की कार्रवाई से निषाद समाज सहित अन्य आरोपियों में दहशत व्याप्त है।