{"_id":"5ebafc0e8ebc3e907e5a7d93","slug":"ghazipur-to-varanasi-city-news-vns524549297","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार के श्रमिकों को न भेजा जाए गाजीपुर और चंदौली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार के श्रमिकों को न भेजा जाए गाजीपुर और चंदौली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत जिला प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना के बिहार के श्रमिकों की बस गाजीपुर भेज दी। इससे गाजीपुर जिला प्रशासन के सामने बाहरी लोगों की व्यवस्था करने की समस्या पैदा हो गई। इसे ध्यान में रखते हुए मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने शासन को पत्र लिखकर बिहार के सीमावर्ती जिलों में श्रमिकों को नहीं भेजने का अनुरोध किया है।
दरअसल, बागपत जिला प्रशासन ने चार बसों से मूल रूप से बिहार के रहने वाले 117 मजदूर गाजीपुर भेज दिए। चंपारण और मोतिहारी के मजदूर गाजीपुर पहुंचने से वहां प्रशासन को दिक्कत का सामना करना पड़ा। जिलाधिकारी गाजीपुर ने इस मामले में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल को पत्र लिखकर पूरी घटना से अवगत कराया। इसके बाद मंडलायुक्त ने शासन को पत्र लिखा। इसमें कहा गया है कि बिहार के श्रमिकों को उनके यहां भेजने का कोई निर्देश नहीं मिला है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों को यह बताया जाए कि बिहार के श्रमिकों को गाजीपुर या चंदौली न भेजा जाए। बल्कि उन्हीं जिलों में रखा जाए, जहां प्रवासी श्रमिक अभी रुके हैं।
विज्ञापन
दरअसल, बागपत जिला प्रशासन ने चार बसों से मूल रूप से बिहार के रहने वाले 117 मजदूर गाजीपुर भेज दिए। चंपारण और मोतिहारी के मजदूर गाजीपुर पहुंचने से वहां प्रशासन को दिक्कत का सामना करना पड़ा। जिलाधिकारी गाजीपुर ने इस मामले में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल को पत्र लिखकर पूरी घटना से अवगत कराया। इसके बाद मंडलायुक्त ने शासन को पत्र लिखा। इसमें कहा गया है कि बिहार के श्रमिकों को उनके यहां भेजने का कोई निर्देश नहीं मिला है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों को यह बताया जाए कि बिहार के श्रमिकों को गाजीपुर या चंदौली न भेजा जाए। बल्कि उन्हीं जिलों में रखा जाए, जहां प्रवासी श्रमिक अभी रुके हैं।
विज्ञापन