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अपेंडिक्स के ऑपरेशन में झोलाछाप डॉक्टर ने काटी आंत,मरीज की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Fri, 28 Jul 2017 10:36 AM IST
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अपेंडिक्स के ऑपरेशन के दौरान आंत की नस कटने से महिला की मौत मामले में झोलाछाप डॉक्टर सहित दो के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि ऑपरेशन के लिए डॉक्टर ने एक लाख 70 हजार रुपये वसूल किए थे।
मामला गाजीपुर जिले का है। गुरुवार को मुहम्मदाबाद कोतवाली में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया। भांवरकोल थाना क्षेत्र के दहिनवर गांव निवासी पुष्पा वर्मा (47) को एक जुलाई को अपेंडिक्स की शिकायत पर डाक बंगले के पास शिव लक्ष्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान पुष्पा की आंत की नस काट दी। मरीज की हालत में सुधार न होने पर अस्पताल संचालक ने अपनी गाड़ी से नौ जुलाई को वाराणसी के सौरभ सर्जिकल सेंटर ले जाकर दोबारा ऑपरेशन कराया।
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बावजूद इसके हालत में सुधार न होने पर वाराणसी के तीसरे अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। वहां के डॉक्टर ने कहा कि आंत की नस कट जाने से हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। यहां 26 जुलाई को पुष्पा वर्मा की मौत हो गई।
तब घर वाले शव लेकर बुधवार की शाम शिव लक्ष्मी हॉस्पिटल के सामने धरने पर बैठ गए। यह देख संचालक मनोज कुमार वर्मा हॉस्पिटल छोड़कर भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर धरना समाप्त कराया।
गुरुवार की सुबह पुष्पा वर्मा के पुत्र शंभू की तहरीर पर पुलिस ने डॉ. मनोज कुमार वर्मा एवं वाराणसी के सौरभ सर्जिकल हॉस्पिटल के संचालक एसके गौतम के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 ए और इंडियन मेडिकल कौंसिल की धारा 15/3 के तहत हत्या का केस दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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मामला गाजीपुर जिले का है। गुरुवार को मुहम्मदाबाद कोतवाली में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया। भांवरकोल थाना क्षेत्र के दहिनवर गांव निवासी पुष्पा वर्मा (47) को एक जुलाई को अपेंडिक्स की शिकायत पर डाक बंगले के पास शिव लक्ष्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
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आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान पुष्पा की आंत की नस काट दी। मरीज की हालत में सुधार न होने पर अस्पताल संचालक ने अपनी गाड़ी से नौ जुलाई को वाराणसी के सौरभ सर्जिकल सेंटर ले जाकर दोबारा ऑपरेशन कराया।
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बावजूद इसके हालत में सुधार न होने पर वाराणसी के तीसरे अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। वहां के डॉक्टर ने कहा कि आंत की नस कट जाने से हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। यहां 26 जुलाई को पुष्पा वर्मा की मौत हो गई।
तब घर वाले शव लेकर बुधवार की शाम शिव लक्ष्मी हॉस्पिटल के सामने धरने पर बैठ गए। यह देख संचालक मनोज कुमार वर्मा हॉस्पिटल छोड़कर भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर धरना समाप्त कराया।
गुरुवार की सुबह पुष्पा वर्मा के पुत्र शंभू की तहरीर पर पुलिस ने डॉ. मनोज कुमार वर्मा एवं वाराणसी के सौरभ सर्जिकल हॉस्पिटल के संचालक एसके गौतम के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 ए और इंडियन मेडिकल कौंसिल की धारा 15/3 के तहत हत्या का केस दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पिछले सप्ताह इसी डॉक्टर पर दर्ज हुआ था केस
doctor
कोतवाली पुलिस ने बताया कि शिव लक्ष्मी हॉस्पिटल के डॉक्टर के पास कोई डिग्री नहीं मिली है। पिछले सप्ताह भी डिप्टी सीएमओ की तहरीर पर इस झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में सीएमओ डा. जीसी मौर्या का कहना है कि आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज किया जा चुका है। अस्पताल की जांच कराकर इसे सील किया जाएगा। लाइसेंस निरस्तीकरण की भी कार्रवाई की जाएगी।