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फिर लापरवाही....चेतावनी के बावजूद भीग गया सैकड़ों क्विंटल गेहूं
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वाराणसी। बीते एक सप्ताह से चेतावनी के बाद भी सोमवार की रात और मंगलवार की सुबह हुई बारिश से कई क्रय केंद्रों पर सैकड़ों क्विंटल गेहूं भीग गए। कई केंद्रों पर खुले में गेहूं रखे गए थे। वहीं गोदाम भरने से कई केंद्रों पर खरीद भी प्रभावित रही। जहां चार से पांच किसानों से खरीद होती थी वहां मंगलवार को एक या दो किसानों से ही खरीद हुई। खरीद न होने से कई पंजीकृत किसान क्रय केंद्रों का चक्कर काटते रहे।
सेवापुरी ब्लाक के तक्खु की बौली स्थिती क्रय केंद्र पर 100 से 200 क्विंटल भंडारण की क्षमता है। यहां क्षमता से अधिक खरीद के बाद मंगलवार को खुले में गेहूं की बोरियां खड़ी करके रखी हुईं थीं। जिनमें से कई बोरी बिना सिलाई के ही खुली पड़ी थी। जिन्हें बारिश से बचाव के लिए तिरपाल से ढंका तो गया था, लेकिन दीवाल और जमीन में भरे पानी से 30 से 40 प्रतिशत तक गेहूं भीग दिया। जहां 50 से 60 के करीब बोरियां रखी हुई थी। जबकि केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार बचाव करते रहे।
उधर पिंडरा के फूलपुर स्थित क्रय केंद्र पर कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला। यहां करीब 100 बोरे गेहूं भीग गया। जिन प्लास्टिक के बोरों में गेहूं रखा गया था वह लेमिनेटेड भी नहीं थे। जो बारिश का बचाव कर सके। ट्रक समय पर आते रहते तो शायद यह भीगने से बच जाता। वहीं मरुईछताव केंद्र के एडीओ सहकारिता आशीष सिंह ने बताया कि बारिश से गेहूं भीगने की जानकारी मिली है। अभी कितना भीगा कैसे भीगा इसकी रिपोर्ट मांगी गई है।
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इनसेट.....
कई केंद्रों के गोदाम भरने से खरीद भी हुई प्रभावित
कपसेठी और तक्खुकी बौली क्रय केंद्र पर गेहूं का उठान न होने के कारण दो दिन से खरीद बंद है। कपसेठी क्रय केंद्र प्रभारी दयाशंकर के मुताबिक 61 किसानों से 2600 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। केंद्र के गोदाम भरे होने से खरीद बंद है। वहीं दूसरी तरफ तक्ख ुकी बौली क्रय केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि मंगलवार को सिर्फ एक किसान से ही खरीद हो पाई। जबकि इससे पहले रोजाना चार से पांच किसानों से खरीद की जा रही थी।
पिंडरा विकास खंड के तीन केंद्रों पर सहकारी समिति द्वारा खरीद की जा रही है। लेकिन फूलपुर व मरूई छताव केंद्र पर क्षमता से अधिक भंडारण होने व उठान न होने से खरीद बंद हैं। फूलपुर के साधन सहकारी समिति पर 54 किसानों ने 2100 क्विंटल, बाबतपुर में 100 किसानों से 3929 क्विंटल, मरूई में 40 किसानों से 1650 क्विंटल की खरीद की गई है। फूलपुर के केंद्र प्रभारी इंदु प्रताप सिंह का कहना है कि खरीद अधिक होने से केंद्र के गोदाम भर गए है। जिस कारण खरीद बंद है।
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बॉक्स....
गेहूं भीगने से गुणवत्ता पर असर पड़ेगा
बीएचयू सीड्स के नोडल ऑफिसर पवन कुमार सिंह का कहना है कि गेहूं भीगने से उसकी गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। काले पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। जमाव पर भी असर पड़ता है। भीगे हुए गेहूं का दोबारा बीज के रूप में इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता।
कोट...
जिले में कहीं भी किसी भी केंद्र पर गेहूं नहीं भीगा। गेहूं की खरीद तेजी से हो रही है। मंगलवार तक 1439 किसानों से 5628 मैट्रिक टन गेहूं की खरीद हो गई थी। भंडारण की कोई समस्या नहीं है।
-अरुण कुमार त्रिपाठी, जिला विपणन अधिकारी
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सेवापुरी ब्लाक के तक्खु की बौली स्थिती क्रय केंद्र पर 100 से 200 क्विंटल भंडारण की क्षमता है। यहां क्षमता से अधिक खरीद के बाद मंगलवार को खुले में गेहूं की बोरियां खड़ी करके रखी हुईं थीं। जिनमें से कई बोरी बिना सिलाई के ही खुली पड़ी थी। जिन्हें बारिश से बचाव के लिए तिरपाल से ढंका तो गया था, लेकिन दीवाल और जमीन में भरे पानी से 30 से 40 प्रतिशत तक गेहूं भीग दिया। जहां 50 से 60 के करीब बोरियां रखी हुई थी। जबकि केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार बचाव करते रहे।
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उधर पिंडरा के फूलपुर स्थित क्रय केंद्र पर कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला। यहां करीब 100 बोरे गेहूं भीग गया। जिन प्लास्टिक के बोरों में गेहूं रखा गया था वह लेमिनेटेड भी नहीं थे। जो बारिश का बचाव कर सके। ट्रक समय पर आते रहते तो शायद यह भीगने से बच जाता। वहीं मरुईछताव केंद्र के एडीओ सहकारिता आशीष सिंह ने बताया कि बारिश से गेहूं भीगने की जानकारी मिली है। अभी कितना भीगा कैसे भीगा इसकी रिपोर्ट मांगी गई है।
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कई केंद्रों के गोदाम भरने से खरीद भी हुई प्रभावित
कपसेठी और तक्खुकी बौली क्रय केंद्र पर गेहूं का उठान न होने के कारण दो दिन से खरीद बंद है। कपसेठी क्रय केंद्र प्रभारी दयाशंकर के मुताबिक 61 किसानों से 2600 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। केंद्र के गोदाम भरे होने से खरीद बंद है। वहीं दूसरी तरफ तक्ख ुकी बौली क्रय केंद्र प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि मंगलवार को सिर्फ एक किसान से ही खरीद हो पाई। जबकि इससे पहले रोजाना चार से पांच किसानों से खरीद की जा रही थी।
पिंडरा विकास खंड के तीन केंद्रों पर सहकारी समिति द्वारा खरीद की जा रही है। लेकिन फूलपुर व मरूई छताव केंद्र पर क्षमता से अधिक भंडारण होने व उठान न होने से खरीद बंद हैं। फूलपुर के साधन सहकारी समिति पर 54 किसानों ने 2100 क्विंटल, बाबतपुर में 100 किसानों से 3929 क्विंटल, मरूई में 40 किसानों से 1650 क्विंटल की खरीद की गई है। फूलपुर के केंद्र प्रभारी इंदु प्रताप सिंह का कहना है कि खरीद अधिक होने से केंद्र के गोदाम भर गए है। जिस कारण खरीद बंद है।
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गेहूं भीगने से गुणवत्ता पर असर पड़ेगा
बीएचयू सीड्स के नोडल ऑफिसर पवन कुमार सिंह का कहना है कि गेहूं भीगने से उसकी गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। काले पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। जमाव पर भी असर पड़ता है। भीगे हुए गेहूं का दोबारा बीज के रूप में इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता।
कोट...
जिले में कहीं भी किसी भी केंद्र पर गेहूं नहीं भीगा। गेहूं की खरीद तेजी से हो रही है। मंगलवार तक 1439 किसानों से 5628 मैट्रिक टन गेहूं की खरीद हो गई थी। भंडारण की कोई समस्या नहीं है।
-अरुण कुमार त्रिपाठी, जिला विपणन अधिकारी