GATE 2023 Result: BHU के दो छात्रों ने फहराया परचम, टॉप 10 में बनाई जगह, पढ़ें, सफलता की कहानी
काशी हिन्दू विश्विद्यालय के भूभौतिकी विभाग के ही दूसरे शोधछात्र अमृतांश राय ने आठवीं रैंक प्राप्त किया है। अमृतांश मूल रूप से गाजीपुर जिले के मुहम्मदाबाद के जोगा मुसाहिब गाव के रहने वाले है।उनके पिता अखिलेश राय गाजीपुर जिला कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता है।अमृतांश ने में गाजीपुर के गवर्मेंट सिटी इंटर कॉलेज से 81 प्रतिशत अंक हासिल कर इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
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काशी हिन्दू विश्वविद्यालय भूभौतिकी विभाग के दो शोध छात्रों अंकित सिंह और अमृतांश राय ने फरवरी में आयोजित हुए प्रतिष्ठित आईआईटी गेट की परीक्षा में टॉप टेन में स्थान बनाकर परचम लहराया है। अंकित सिंह और अमृतांश राय दोनों भूभौतिकी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रोहताश कुमार के निर्देशन में शोध कर रहे है।
अमृतांश राय सीनियर रिसर्च फेलो तो अंकित जूनियर रिसर्च फेलो है। अंकित सिंह उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले है।शुरू से ही मेधावी अंकित ने अपनी हाइस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले आदर्श विद्यालय देवेंद्रनगर से की है। वहीं उन्होंने बीएससी और एमएसएसी काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से की है। उनके पिता सुभाष सिंह एक प्लाईवुड कंपनी में प्रोडक्शन मैनेजर है। अंकित की दो बड़ी बहनो में एक शिक्षिका तो तो दूसरी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अधिकारी है।
काशी हिन्दू विश्विद्यालय के भूभौतिकी विभाग के ही दूसरे शोधछात्र अमृतांश राय ने आठवीं रैंक प्राप्त किया है। अमृतांश मूल रूप से गाजीपुर जिले के मुहम्मदाबाद के जोगा मुसाहिब गाव के रहने वाले है।उनके पिता अखिलेश राय गाजीपुर जिला कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता है। अमृतांश ने में गाजीपुर के गवर्मेंट सिटी इंटर कॉलेज से 81 प्रतिशत अंक हासिल कर इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से भौतिकी विज्ञान से 2015 में बीएससी किया। इसके भूभौतिकी विभाग से 2018 में एमएससी टेक की परीक्षा पास किया। इसके बाद 2019 में सीएसआईआर जेआरआफ की परीक्षा पास की। वर्तमान में भूभौतिकी विभाग में डॉ रोहताश के निर्देश अपना शोध कर रहे है।अमृतांश की माँ विभा राय एक गृहणी है। तीन भाई बहनों में अमृतांश सबसे बड़े है उनकी छोटी बहन शालिनी राय बीएचयू के समाजशास्त्र में पीएचडी कर रही है।सबसे छोटी बहन ग्रेजुएशन में है। दोनों ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता पिता दोस्तो के साथ अपने शोध निदेशक डॉ रोहताश कुमार को दिया। रिजल्ट आने के बाद दोनों को बधाई देने वालो का तांता लग गया। भूभौतिकी विभाग के सीनियर प्रोफेसर प्रोफेसर ज्ञान प्रकाश सिंह और और प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव ने दोनों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दिया।