काशी विश्वनाथ धाम: गंगद्वार ने लिया भव्य आकार, गंगा स्नान के बाद पहुंचिए बाबा दरबार
माघ पूर्णिमा पर आज से अस्सी और राजघाट से नाव के जरिए ललिता घाट पर पहुंच सकेंगे श्रद्धालु, भीड़ प्रबंधन के लिए मंदिर प्रशासन ने बनाई कार्ययोजना, एप पर 60 हजार से ज्यादा पंजीकरण
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फिलहाल मंदिर प्रशासन ने नावों का रूट नहीं तैयार किया है। मगर, नाविकों को ललिता घाट आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। भीड़ नियंत्रित करने के लिए तैयार किए गए एप में 16 फरवरी के लिए 60 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पंजीकरण किया है।
मोबाइल और कैमरा भी ले जा सकेंगे
माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालु जलासेन घाट पर बनी सीढ़ियों के जरिए काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश कर सकेंगे। इधर से आने वाले श्रद्धालु मंदिर चौक से सरस्वती फाटक पहुंचेंगे और यहां सुरक्षा जांच के बाद मंदिर परिसर में प्रवेश पा सकेंगे। मंदिर प्रशासन की ओर से बुधवार को शुरू की जा रही नई व्यवस्था में श्रद्धालु अपने सामान के साथ ही मोबाइल व कैमरा भी मंदिर चौक ले जा सकेेंगे।
यहां शुरू हुए यात्री सुविधा केंद्र में सामान जमा करने के बाद मंदिर की ओर जा सकेंगे। यहां बता दें कि काशी विश्वनाथ धाम के दूसरे चरण का काम अप्रैल तक पूरा किया जाना है। इसमें पंपिंग स्टेशन को शिफ्ट करने के बाद रैंप का काम शुरू किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी तो बाबा देेंगे झांकी दर्शन
माघ पूर्णिमा पर धाम आने वाले आस्थावानों के लिए प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। मंगला आरती के बाद भक्तों की संख्या पर बाबा के दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। अगर भक्तों की कतार लंबी हुई तो सुबह से ही बाबा का झांकी दर्शन कराए जाएंगे। मंदिर के भीड़ नियंत्रण के लिए बनाए गए एप में 60 हजार लोगों के पंजीकरण से अनुमान लगाया जा रहा है कि दो लाख से ज्यादा भक्त पहुंच सकते हैं।
सफल रहा ट्रायल तो बनेगा गंगा में रूट
माघ पूर्णिमा पर गंगद्वार से प्रवेश के शुभारंभ को मंदिर प्रशासन ट्रायल के रूप में तैयारी कर रहा है। अगर नाविकों ने भक्तों को ललिता व जलासेन घाट पहुंचाने में रुचि दिखाई तो इसके लिए बकायदा अस्सी व राजघाट से काशी विश्वनाथ धाम के लिए रूट निर्धारित कर किराया तय किया जाएगा।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि गंगाद्वार से भक्तों को प्रवेश मिलेगा, इसके लिए हमारी तैयारी पूरी हो गई है। गंगा स्नान करने के बाद मंदिर आने वाले भक्तों के लिए यात्री सुविधा केंद्र भी शुरू कर दिया गया है। झांकी दर्शन का निर्णय बुधवार की सुबह भक्तों की संख्या के बाद लिया जाएगा।