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मकर संक्रांति पर वाराणसी में ठीक रहेगा गंगा का जलस्तर, कुंभ के लिए बांध से छोड़ा गया पानी

Sun, 13 Jan 2019 02:23 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: Priyesh Mishra Updated Sun, 13 Jan 2019 02:23 PM IST
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ganga water level will be good in kashi on makar sankranti
मकर संक्रांति पर काशी में भी गंगा का जलस्तर ठीक बना रहेगा। कुंभ के मौके पर जलस्तर सही बनाए रखने के लिए नरौरा बांध से लगातार तय मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे काशी में भी जलस्तर एक से दो इंच बढ़ने की संभावना है। 
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शाही स्नान 15 जनवरी को है। प्रयागराज में गंगा का जलस्तर सामान्य रूप से प्रवाहमान बनाने के लिए एक सप्ताह पहले ही नरौरा बांध के एक गेट को खोल कर लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इस पानी का असर प्रयाग में दिखने लगा है। यह पानी दो से ढाई दिन में प्रयाग से काशी पहुंच जाएगा। ऐसे में यह असर सोमवार तक दिखने लगेगा।
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जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग और केन्द्रीय जल आयोग को पत्र जारी कर सूचना दे दी गई हैं। केन्दीय जल आयोग के अधिशासी अभियंता एसके राजोरिया ने बताया कि प्रयाग के जलस्तर का असर करीब 48 घंटे बाद काशी में दिखता है। हालांकि उसका मामूली असर ही काशी में दिखेगा या फिर प्रतिदिन घट रहे गंगा के जल स्तर को एक दो दिन स्थिर कर देगा। जल का प्रवाह बढ़ने से गंगाजल की गुणवत्ता बेहतर होगी।
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15 जनवरी को मनाई जाएगी मकर संक्रांति

इस बार मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जाएगी। इस दिन बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान करते हैं, इसे देखते हुए गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बांस और रस्सियां बांध दी गई हैं। 
सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करता है तो उसे मकर संक्रांति करते हैं। ज्योतिषविद् डॉ. विमल जैन ने बताया कि 15 जनवरी को भोेर में 2 बजकर 20 मिनट में सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा, इसलिए यह पर्व 15 जनवरी मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन ही सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं।

मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाते हैं। ज्योतिषाचार्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि सूर्य ही एक मात्र देवता हैं जो दृश्यमान हैं। इसलिए इनकी उपासना को सर्वोपरि माना गया है। उत्तरायण काल को ही ऋषि मुनियों का साधना काला माना गया है। इस दिन श्रद्धालु गंगा में स्नान कर पंच अन्न का दान करते हैं।

मंदिरों में होंगे दर्शन पूजन
मकर संक्रांति पर सूर्य को जल देने के बाद लोग बाबा विश्वनाथ, संकट मोचन सहित कई मंदिरों में दर्शन पूजन करके आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसे देखते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाने लगी हैं। विश्वनाथ मंदिर में बाहर बल्लियां लगाई जा चुकी हैं। अन्य मंदिरों में भी तैयारियां चल रही हैं। 

मकर संक्रांति के लिए रूट डायवर्जन

मकर संक्रांति पर गंगा स्नान के लिए उमड़ने वाले श्रद्धालुओं के मद्देनजर 14 जनवरी की भोर से 16 जनवरी तक शहर में रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत ने अपील की है कि रूट डायवर्जन का पालन करते हुए आमजन यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करें।

-मैदागिन से चौक होते हुए गोदौलिया की तरफ  कोई वाहन न आएगा और न जाएगा।
-लक्सा थाने से आगे गोदौलिया की ओर कोई सवारी वाहन नहीं जाएगा।
-लहुराबीर से होकर गोदौलिया की तरफ जाने वाले वाहन बेनिया तिराहा से आगे नहीं जाएंगे।
-अस्सी से गोदौलिया जाने वाले वाहन सोनारपुरा के आगे नहीं जाएंगे।
-भेलूपुर से रेवड़ी तलाब होकर रामापुरा जाने वाली सभी प्रकार के वाहन तिलभांडेश्वर से आगे नहीं जाएंगे। 
-बेनियाबाग से आगे अत्यधिक भीड़ होने पर वाहनों को लहुराबीर चौराहे पर रोक दिया जाएगा और वाहनों को क्वींस इंटर कालेज व संपूर्णानंद विश्वविद्यालय में खड़ा कराया जाएगा।
-भदऊ चुंगी से भैंसासुर घाट और राजघाट की तरफ  कोई वाहन नहीं जाएगा।
-गोलगड्डा तिराहे से कोई वाहन विश्वेश्वरगंज तिराहा होते हुए भैंसासुर घाट की तरफ  नहीं जाएगा।
-शव वाहन, बीमार एवं विकलांग व्यक्तियों को उक्त प्रतिबंध से मुक्त रखा जाएगा।
-सिगरा चौराहा से रथयात्रा होकर गुरुबाग की तरफ  जाने वाले वाहनों को सिगरा चौराहा से दाएं मोड़कर आकाशवाणी, महमूरगंज, ककरमत्ता होते हुए बीएचयू की तरफ  भेजा जाएगा। इसी प्रकार बीएचयू से शहर की तरफ  आने वाले वाहन इसी मार्ग से वापस आएंगे।
-सिगरा चैराहा से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर की तरफ  जाने वाली एंबुलेंस और मरीज वाहनों को रथयात्रा, गुरुबाग तिराहा होकर जाने व आने दिया जाएगा।
-उक्त सभी मार्गों में मिलने वाली बीच की गलियों से होकर आने वाले वाहनों पर भी रूट डायवर्जन का प्रतिबंध लागू होगा।

नोट :
-एंबुलेंस और फायर बिग्रेड के वाहनों को इन प्रतिबंधों से मुक्त रखा जाएगा।
-रूट डायवर्जन के दौरान ट्रक सहित अन्य भारी वाहन शहर में नहीं आएंगे और वाहन पास निरस्त रहेंगे।
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