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वीडीए ने झूठा शपथ पत्र देकर हाईकोर्ट को किया गुमराह
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 27 Nov 2016 02:06 AM IST
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गंगा किनारे दो सौ मीटर के दायरे में कार्रवाई का सच देख न्यायमित्र हैरान
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वीडीए ने जिस भवन को ढहा देने का शपथपत्र हाईकोर्ट में दिया था, वह मौके पर खड़ा मिला। यह देख न्यायमित्र मनीष गोयल के नेतृत्व वाली टीम हैरान रह गई। झूठा शपथपत्र देने पर न्यायमित्रों ने वीडीए के अफसरों को आड़े हाथों लिया और कड़ी नाराजगी जताई। गंगा किनारे 200 मीटर के दायरे में बने अवैध निर्माणों के खिलाफ की गई वीडीए की कार्रवाई का सच जानने के लिए हाईकोर्ट की ओर से गठित न्यायमित्र मनीष गोयल, अंकिता शर्मा और आनंद अग्रवाल की तीन सदस्यीय टीम शनिवार को शहर में थी।
टीम ने खिड़किया घाट से लेेकर अस्सी घाट तक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान चिह्नित नए 57 अवैध निर्माणों में से 39 भवनों पर वीडीए की आधी-अधूरी कार्रवाई देख वीडीए अफसरों से कहा कि मठाधीशों के साथ रियायत नहीं, उन पर कार्रवाई करें। टीम ने अफसरों को ताकीद की कि हाईकोर्ट के निर्देश के पालन में हीलाहवाली न बरतें।
गायघाट में मकान नंबर के-3/30 को पूरा गिराने का आदेश था लेकिन वीडीए ने सिर्फ जंगला और खिड़की तोड़कर शपथपत्र दे दिया कि पूरा मकान ध्वस्त कर दिया गया है। सच्चाई देख न्यायमित्र मनीष गोयल ने वीडीए सचिव एमपी सिंह से पूछा कि शपथपत्र में तो पूरा भवन ढहा दिया जबकि मौके पर साबुत खड़ा है। इसमें तोड़ा क्या? इस पर सचिव से जवाब देते न बना। वीडीए अफसरों की लचर कार्यशैली और झूठे दावों का एक और नमूना न्यायमित्रों को प्रह्लादघाट पर देखने को मिला। वीडीए ने कागज पर दावा किया था कि यहां कृष्णा प्रसाद के मकान में कराए गए नए निर्माण को ढहा दिया गया है जबकि मौके पर पता चला कि मकान में कोई नया निर्माण हुआ ही नहीं था।
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जबकि बगल के मकान में नया निर्माण हुआ था लेकिन वीडीए ने उस पर कोई कार्रवाई ही नहीं की। तेलियानाला कायस्थ टोला में भरत लाल के मकान के दूसरे मंजिल पर कार्रवाई की गई थी। यह देखकर न्यायमित्र मनीष गोयल ने कहा कि गरीबों पर ज्यादती मत करो। यहीं रामरेखा जायसवाल के मकान जी प्लस थ्री को ढहाने का आदेश था लेकिन उसका भी सिर्फ छज्जा गिराकर इतिश्री कर ली गई।
इससे पहले टीम करीब पौने 11 बजे खिड़िकिया घाट पहुंची। वहां गोवर्धन धाम पर 2015-16 में हुए नए निर्माण और शिलापट्ट नहीं ढहाने पर सवाल किया। उसकी फोटो कराई और वीडीए को निर्देश दिया कि इसकी जांच कराएं कि निर्माण कब हुआ है, फिर कार्रवाई से अवगत कराएं। वहां इस दौरान वीडीए के उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव, सचिव एमपी सिंह, अधिवक्ता विवेक वर्मा, जोनल अधिकारी/तहसीलदार डीके सिंह, प्रभाकर पांडेय, वीके सक्सेना, जेई बीएन सिंह, नगर निगम के तहसीलदार अविनाश कुमार, जलकल के जीएम बीके सिंह आदि उपस्थित थे।
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टीम ने खिड़किया घाट से लेेकर अस्सी घाट तक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान चिह्नित नए 57 अवैध निर्माणों में से 39 भवनों पर वीडीए की आधी-अधूरी कार्रवाई देख वीडीए अफसरों से कहा कि मठाधीशों के साथ रियायत नहीं, उन पर कार्रवाई करें। टीम ने अफसरों को ताकीद की कि हाईकोर्ट के निर्देश के पालन में हीलाहवाली न बरतें।
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गायघाट में मकान नंबर के-3/30 को पूरा गिराने का आदेश था लेकिन वीडीए ने सिर्फ जंगला और खिड़की तोड़कर शपथपत्र दे दिया कि पूरा मकान ध्वस्त कर दिया गया है। सच्चाई देख न्यायमित्र मनीष गोयल ने वीडीए सचिव एमपी सिंह से पूछा कि शपथपत्र में तो पूरा भवन ढहा दिया जबकि मौके पर साबुत खड़ा है। इसमें तोड़ा क्या? इस पर सचिव से जवाब देते न बना। वीडीए अफसरों की लचर कार्यशैली और झूठे दावों का एक और नमूना न्यायमित्रों को प्रह्लादघाट पर देखने को मिला। वीडीए ने कागज पर दावा किया था कि यहां कृष्णा प्रसाद के मकान में कराए गए नए निर्माण को ढहा दिया गया है जबकि मौके पर पता चला कि मकान में कोई नया निर्माण हुआ ही नहीं था।
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जबकि बगल के मकान में नया निर्माण हुआ था लेकिन वीडीए ने उस पर कोई कार्रवाई ही नहीं की। तेलियानाला कायस्थ टोला में भरत लाल के मकान के दूसरे मंजिल पर कार्रवाई की गई थी। यह देखकर न्यायमित्र मनीष गोयल ने कहा कि गरीबों पर ज्यादती मत करो। यहीं रामरेखा जायसवाल के मकान जी प्लस थ्री को ढहाने का आदेश था लेकिन उसका भी सिर्फ छज्जा गिराकर इतिश्री कर ली गई।
इससे पहले टीम करीब पौने 11 बजे खिड़िकिया घाट पहुंची। वहां गोवर्धन धाम पर 2015-16 में हुए नए निर्माण और शिलापट्ट नहीं ढहाने पर सवाल किया। उसकी फोटो कराई और वीडीए को निर्देश दिया कि इसकी जांच कराएं कि निर्माण कब हुआ है, फिर कार्रवाई से अवगत कराएं। वहां इस दौरान वीडीए के उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव, सचिव एमपी सिंह, अधिवक्ता विवेक वर्मा, जोनल अधिकारी/तहसीलदार डीके सिंह, प्रभाकर पांडेय, वीके सक्सेना, जेई बीएन सिंह, नगर निगम के तहसीलदार अविनाश कुमार, जलकल के जीएम बीके सिंह आदि उपस्थित थे।