{"_id":"57af88254f1c1bc530ee4b36","slug":"ganga-recession-suffering-remains-the-same","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा में घटाव, मुसीबतें जस की तस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा में घटाव, मुसीबतें जस की तस
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
Updated Sun, 14 Aug 2016 02:20 AM IST
विज्ञापन
ganga in varanasi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगा में शनिवार को घटाव शुरू हो गया। धीमी रफ्तार से घटाव का असर निचले स्तरों मेें दोपहर बाद दिखने लगा। अस्सी से लगी कॉलोनियों के घरों में घुसा बाढ़ का पानी निकलने लगा। हालांकि अब भी बाढ़ से घिरने के बाद दर-ब-दर हुए तीन दर्जन से अधिक परिवार गोयनका विद्यालय के बाढ़ राहत शिविर में शरण लिए हुए हैं। अगर इसी तरह घटाव जारी रहा तो अगले दो दिनों में प्रभावित इलाकों में जिंदगी की गाड़ी पटरी पर लौटने लगेगी। शनिवार की शाम गंगा का जल स्तर 69.83 मीटर रिकार्ड किया गया। यह स्तर चेतावनी बिंदु से महज 43 सेंटीमीटर नीचे है।
केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक गंगा के जल स्तर में महज एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से घटाव हो रहा है। फिलहाल फाफामऊ, इलाहाबाद, सीतामढ़ी और मिर्जापुर में भी गंगा घट रही है। इस वजह से अनुमान है कि निचले स्तरों में जन जीवन जल्द ही सामान्य हो जाएगा। गंगा में उफान से सर्वाधिक दिक्कत अस्सी मुहल्ले की रामानुज नगर कॉलोनी, गंगोत्री बिहार कॉलोनी और अस्सी के सौ से अधिक परिवारों को हुई है। 35 से अधिक घरों में पानी भरने के बाद लोग बर्तन और बिस्तर लेकर दो दिन पहले से अस्सी के गोयनका छात्रावास में शरण लिए हुए हैं।
शुक्रवार को भी इन परिवारों को उसी बाढ़ राहत शिविर में रात गुजारनी पड़ी। इसलिए कि कुछ घरों से पानी तो निकल गया है लेकिन अभी वहां कीचड़ के साथ जबरदस्त सीलन है। करीब पांच से सात दिन का समय वहां स्थिति सुधरने में लगेगी। उधर, सुबह-ए-बनारस के मंच और यज्ञस्थल से अभी पानी नहीं निकल सका है। इस वजह से सुबह-ए-बनारस की महफिल भी ऊपरी हिस्से में ही लगेगी। उधर, दशाश्वमेध घाट के अलावा शीतला घाट पर गंगा आरती छतों पर हो रही है। मणिकर्णिका श्मशान घाट पर चिताएं छतों पर जलाई जा रही हैं तो हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में।
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक गंगा के जल स्तर में महज एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से घटाव हो रहा है। फिलहाल फाफामऊ, इलाहाबाद, सीतामढ़ी और मिर्जापुर में भी गंगा घट रही है। इस वजह से अनुमान है कि निचले स्तरों में जन जीवन जल्द ही सामान्य हो जाएगा। गंगा में उफान से सर्वाधिक दिक्कत अस्सी मुहल्ले की रामानुज नगर कॉलोनी, गंगोत्री बिहार कॉलोनी और अस्सी के सौ से अधिक परिवारों को हुई है। 35 से अधिक घरों में पानी भरने के बाद लोग बर्तन और बिस्तर लेकर दो दिन पहले से अस्सी के गोयनका छात्रावास में शरण लिए हुए हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार को भी इन परिवारों को उसी बाढ़ राहत शिविर में रात गुजारनी पड़ी। इसलिए कि कुछ घरों से पानी तो निकल गया है लेकिन अभी वहां कीचड़ के साथ जबरदस्त सीलन है। करीब पांच से सात दिन का समय वहां स्थिति सुधरने में लगेगी। उधर, सुबह-ए-बनारस के मंच और यज्ञस्थल से अभी पानी नहीं निकल सका है। इस वजह से सुबह-ए-बनारस की महफिल भी ऊपरी हिस्से में ही लगेगी। उधर, दशाश्वमेध घाट के अलावा शीतला घाट पर गंगा आरती छतों पर हो रही है। मणिकर्णिका श्मशान घाट पर चिताएं छतों पर जलाई जा रही हैं तो हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में।
विज्ञापन