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वाराणसी में खतरे के निशान पर गंगा: दशाश्वमेध की सड़क व जलस्तर के बीच महज दो सीढ़ियों का फासला, अलर्ट पर प्रशासन

Sun, 21 Aug 2022 10:27 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sun, 21 Aug 2022 10:27 AM IST
सार

वाराणसी में गंगा अपने रौद्र रूप में आ गई हैं। खतरे के लाल निशान का रुख कर चुकी गंगा अब शहर में घुसने को आतुर हैं। तटवर्ती इलाकों की आबादी का पलायन जारी है। लोग अपना बोरा-बिस्तर लेकर सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। 

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Ganga on danger mark in Varanasi The distance only two steps between the road and water level
वाराणसी में गंगा का बढ़ता जलस्तर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी में खतरे के लाल निशान का रुख कर चुकी गंगा अब शहर में घुसने को आतुर हैं। दशाश्वमेध घाट पर सड़क के बीच अब सिर्फ दो सीढ़ियों का फासला रह गया है। जबकि गंगा से सटे निचले इलाकों में पानी नालों के जरिए आगे बढ़ने लगा है। बढ़ता जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 47 सेंटीमीटर एवं खतरे के निशान से 1.47 मीटर दूर है।
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गंगा में बढ़ाव के चलते उसकी सहायक नदी वरुणा में पलट प्रवाह तेज हो गया जिसके कारण तटवर्ती इलाकों की आबादी का पलायन लगातार जारी है। साथ ही कई परिवार गृहस्थी के सामान सहित मकान के ऊपरी तल पर खुद को सुरक्षित करने की जुगत में लगे रहे। पानी निचले इलाकों के रास्तों और घरों में प्रवेश करने लगा है।
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Ganga on danger mark in Varanasi The distance only two steps between the road and water level
पलायन करते लोग - फोटो : अमर उजाला
शनिवार शाम तक वरुणा का पानी करीब तीन मीटर बढ़ चुका था। इससे हुकुलगंज, बघवानाला, नक्खीघाट, तालीम नगर, अंसार नगर, मीरा घाट, नई बस्ती, पुलकोहना, शक्कर तालाब, अमरपुर, मड़िया सहित आसपास के नीचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रभावित होने लगे हैं। नक्खी घाट निवासी अनीता देवी, अमित कुमार, सुक्खु, दिलीप, किट्टू सहित दर्जनों लोगों के मकान में बाढ़ का पानी घुस चुका है। वहीं, बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर बाढ़ राहत चौकियों की कवायद शुरू हो गयी है।

इधर गंगा में बढ़ता जलस्तर शनिवार को नगवा नाला और ज्ञान प्रवाह नाला के करीब पहुंच गया है। माना जा रहा है कि अगर इसी वेग से गंगा का जलस्तर बढ़ता रहा तो रविवार शाम तक नगवा, ज्ञानप्रवाह और टिकरी डेरावीर नाला में पानी घुसकर भीतरी बस्तियों व कॉलोनी को जलमग्न कर देगा। अगर रफ्तार और बढ़ी तो सामनेघाट इलाके में बसी कालोनियां पानी से घिर जायेगी।

Ganga on danger mark in Varanasi The distance only two steps between the road and water level
गंगा का रौद्र रूप - फोटो : अमर उजाला

साथ ही अघोरेश्वर आश्रम तक पानी पहुंच जाएगा। सामनेघाट इलाका बाढ़ ग्रस्त रहा है और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए वहां की आबादी ने सामानों की पैकिंग करते हुए मकान के दूसरे मंजिल पर शिफ्ट होने लगे हैं। जिनका एक मंजिला मकान है वह छतों पर परिवार व साजो-सामान को सुरक्षित करने में लगे रहे। 

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार को रात आठ बजे से शनिवार को रात आठ बजे तक बीते 24 घंटों में जलस्तर 52 सेंटीमीटर बढ़ा है। वहीं, शनिवार को सुबह से रात तक जलस्तर में प्रतिघंटे दो सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ाव दर्ज किया गया है। सुबह आठ बजे जलस्तर 69.34 मीटर था जो कि मध्याह्न 12 बजे 69.42 मीटर, अपराह्न तीन बजे 69.51 मीटर, सायं छह बजे 69.58 मीटर और रात आठ बजे 69.62 मीटर रहा। बढ़ते जलस्तर ने दशाश्वमेध घाट पर जलपुलिस चौकी और मां गंगा मंदिर को जलमग्न कर दिया है। उधर, मणिकर्णिका एवं हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह की दिक्कत और ज्यादा बढ़ गयी है। 
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