वाराणसी में गंगा महोत्सव: फ्यूजन संगीत से दर्शकों का दिल जीतेंगे दरभंगा घराने के मलिक ब्रदर्स
वाराणसी के राजघाट पर तीन दिवसीय गंगा महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दरभंगा घराने के शास्त्रीय संगीत के धुरंधर निकेश और निलेश मलिक फ्यूजन और शास्त्रीय संगीत की पेशकश करेंगे।
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वाराणसी के राजघाट पर तीन दिवसीय गंगा महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आगाज पांच नवंबर की शाम शंखनाद और शहनाई वादन से होगा। स्थानीय कलाकारों को पांच व छह नवंबर को मंच मिलेगा तो वहीं नामचीन सात नवंबर को सुर संगीत गंगा को समर्पित कर सकेंगे। दरभंगा घराने के शास्त्रीय संगीत के धुरंधर निकेश और निलेश मलिक फ्यूजन और शास्त्रीय संगीत की पेशकश करेंगे।
तानसेन, कालीदास और बिरसा मुंडा संगीत समारोह में प्रस्तुति से संगीत की दुनिया में नाम रोशन कर रहे मलिक ब्रदर्स काशी में संगीत की धारा बहाएंगे। निकेश मलिक ने बताया कि महादेव शिव शंकर और मां गंगा के चरणों में प्रस्तुति अर्पित करेंगे। बताया कि करीब 10 वर्ष पहले काशी आए थे। इस बार गंगा महोत्सव के लिए विशेष तैयारी कर रहे हैं।
नृत्य व संगीत की बहेगी रसधार
राजघाट पर तीन दिवसीय गंगा महोत्सव की पहली निशा पर पांच नवंबर को शास्त्रीय नृत्य व गायन की प्रस्तुति होगी। कथक कलाकार रूबी मिश्रा की प्रस्तुति के बाद बांसुरी वादक सम्यक पराशरी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद शास्त्रीय गायक राजीव कुमार मलिक, कथक कलाकार विशाल कृष्ण मंच संभालेंगे। गायन रोहित मिश्रा और असम की कलाकार कृष्णाक्षी कश्यप नृत्य की प्रस्तुति देंगी।
छह नवंबर को प्रियंबदा तिवारी भरतनाट्यम, पुंडलिक कृष्ण भागवत का तबला वादन, डॉ. कुमार अंबरीश चंचल का शास्त्रीय गायन, विदुषी कमला शंकर का सितार, पं. गणेश मिश्र का उप शास्त्रीय गायन, अमलेश शुक्ल के भजनों की प्रस्तुति होगी।
नमामि गंगे की ओर से स्वच्छता का संदेश देती नृत्य नाटिका का मंचन होगा। अंतिम निशा पर पार्श्व गायिका हर्षदीप कौर की प्रस्तुतियां होंगी। इसके बाद दरभंगा घराने के लिए शास्त्रीय गायक निलेश और निकेश कुमार की प्रस्तुति होगी।