फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   ganga festival opening, vishwa mohan bhatt presented the program

गंगा महोत्सव का शानदार आगाज, गंगा के अविरल प्रवाह में संगीत प्रेमियों ने लगाया गोता

Wed, 01 Nov 2017 11:00 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 01 Nov 2017 11:00 AM IST
विज्ञापन
ganga festival opening, vishwa mohan bhatt presented the program
पं विश्वमोहन भट्ट - फोटो : अमर उजाला
उत्तर वाहिनी गंगा के पावन तट पर मंगलवार की रात सुर, लय, ताल की गंगा के अविरल प्रवाह में संगीत प्रेमियों गोता लगाया। पद्मविभूषण पं विश्वमोहन भट्ट की मोहन वीणा के तारों संग लोगों का तन-मन झंकृत हो उठा,  तो पद्मश्री वैंकटेश कुमार ने अपने सुरीले आलाप और मुर्कियों से रागों -बंदिशों की खुशबू बिखेर कर दीवानगी पैदा कर दी।
विज्ञापन


कथक नृत्य पर भावों-इशारों की लोच दिलों को छू गई। भावपूर्ण थिरकन से नर्तक पं. राजेंद्र गंगानी ने संगीत निशा में चार चांद लगा दिया। इसी के साथ नावों-बजड़ों पर इतराते दीपों के बीच राजेंद्र प्रसाद घाट पर चार दिन तक चलने वाले गंगा महोत्सव का मुख्य आयोजन आरंभ हो गया।
विज्ञापन


पद्मभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र, मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण, जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र और वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर महोत्सव का उद्घाटन किया। शुरुआत हुई जवाहर लाल और साथियों की शहनाई से। इन्होंने राग पूरिया कल्याण की अवतारणा की।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद एक धुन बजाकर विराम लिया। इनके बाद बारी आई पद्मश्री वेंकटेश कुमार की। इन्होंने राग दुर्गा में विलंबित ख्याल की बंदिश से आलापचारी शुरू की। बंदिश के बोल थे- माता भवानी काली/ज्ञान देवी सरस्वती मधुरभाषिनी सुख दायिनी...। फिर राग शंकरा में तीन ताल में द्रुत लय की बंदिश पेश की।

अंत में भजन के बोल- तूने राम भजन क्यों छोड़ दिया... से उन्होंने विराम लिया। तबले पर केशव जोशी, हारमोनियम पर विनय मिश्र , तानपूरे पर गौरव मिश्र और अमित मिश्र ने संगत की। 

पद्मविभूषण पं. विश्व मोहन भट्ट ने कहा कि बनारस में जो ऊर्जा है, वह कहीं और नहीं मिल सकती। इस धरती में बहुत ताकत है। वर्ष 2012 में पद्मश्री के रूप में गंगा महोत्सव में आए थे लेकिन इस बार बाबा विश्वनाथ और मां गंगा की कृपा से अब वह पद्मविभूषण के रूप में उन्हें हाजिरी लगाने का मौका मिला। यह शहर मेरे दिल में है। उन्होंने कहा कि संगीत में ईश्वर का वास होता है। जहां संगीत है वहीं प्रेम और शांति बसती है। 

गिरिजा देवी को दी राग समर्पित

ganga festival opening, vishwa mohan bhatt presented the program
पं. राजेंद्र गंगानी - फोटो : अमर उजाला
इनके बाद मंच संभाला पद्मविभूषण पं. विश्व मोहन भट्ट ने। उन्होंने राग मारू विहाग में तीन ताल में सुरों की अवतारणा ठुमरी गायिका पद्मविभूषण गिरिजा देवी को समर्पित की।

अलाप, जोड़, झाला के बाद इन्होंने मध्य लय और द्रुत लय में गत बजाई। इस दौरान पंडित जी से रहा नहीं गया तो वीणा के तार छेड़ने के साथ ही वह सुर भी लगाने लगे। उन्होंने गंगा पर आधारित बंदिश-गंगा मैया गंगा मैया गंगा मैया तुझे प्रणाम.. पर आलाप लिया तो संगीत प्रेमी उनका साथ देने लगे।

तबले पर संगत की पं. राम कुमार मिश्र ने। अंत में पं. राजेंद्र गंगानी ने शिव स्तुति के बाद तीन ताल में उठान, आमद, परन, टुकड़ों के बाद छोटी -छोटी तिहाइयों पर भावपूर्ण नृत्य से तालियां बटोरीं।

इनका साथ दिया विद्या गौरी, दीप्ति गुप्ता, अंजना कुमारी ने। हारमोनियम पर शमीउल्ला खां, तबले पर योगेश गंगानी, सितार पर रवि शर्मा ने संगत की। संचालन अलका निवेदन ने किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed