Ganga Dussehra 2026: काशी में 56 परिवार मां गंगा को लगाएंगे 50 भोग, 12 राज्यों से आईं साड़ियां भी चढ़ाई जाएंगी
Varanasi News: गंगा दशहरा पर काशी के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। वहीं 11 घाटों पर इस दिन होने वाली आरती में विशेष अनुष्ठान होंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर स्थित मां गंगा मंदिर में विशेष श्रृंगार होगा।
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गंगा दशहरा 26 मई को है। इस दिन मां गंगा को 56 परिवार अपने घर में बनाए गए 56 व्यंजनों का भोग लगाएंगे। 12 राज्यों से लाई गई 5100 साड़ियां चढ़ाई जाएंगी। 501 लीटर दूध से मां गंगा का अभिषेक होगा।
84 घाटों पर मां गंगा का पूजन कर श्रद्धालु आरती उतारेंगे। 11 घाटों पर होने वाली आरती में विशेष अनुष्ठान होंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर स्थित मां गंगा मंदिर में विशेष श्रृंगार होगा। ज्येष्ठमास शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को वृष लग्न में मां गंगा धरती पर प्रकट हुई थीं। इस तिथि पर गंगा स्नान, पूजन अर्चन का विशेष फल मिलता है। गंगा आरती की समितियां विशेष पूजा और आरती करेंगी। अस्सी घाट पर सुबह और शाम पूजा और आरती होगी।
ब्रह्मराष्ट्र एकम विश्व महासंघ न्यास की ओर मां गंगा प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा। श्रीकठम पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. सचिंद्रनाथ महाराज ने बताया कि मां गंगा का विधिवत पूजन होगा। चुनरी मनोरथ, छप्पन भोग और सम्मान होगा।
इस बार 56 परिवारों के घर पकवान बनाकर मां को भोग लगाया जाएगा। केरल, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, तेलंगाना सजित 12 राज्यों के श्रद्धालु मां गंगा को चढ़ाने के लिए साड़ियां भेजेंगे। काशी में रह रहे गुजराती, मराठी, राजस्थानी, सिंधी, मारवाड़ी, कायस्थ समाज की ओर से भी साड़ियां चढ़ाई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि 11 वैदिक ब्राह्मण 11 लीटर दूध से मां का अभिषेक करेंगे। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती में 501 लीटर दूध से अभिषेक होगा। मां गंगा को आरपार की माला चढ़ाई जाएगी। दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि, गंगोत्री सेवा समिति, अस्सी घाट, पंचगंगा घाट, ललिता घाट, नमो घाट आदि घाटों पर होने वाली आरती में विशेष पूजा होगी।
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10-10 फल, दीप से करेंगे मां मां गंगा की पूजा
गंगा दशहरा पर हर घाटों पर मां गंगा की विशेष पूजा होगी। श्रद्धालु गंगा स्नान कर पूजा और दान करेंगे। मंगला गौरी मंदिर के महंत पं. नारायण गुरु ने बताया कि मां को 10-10 आम, केले आदि नैवेद्य चढ़ाए जाएंगे। 10 दीप जलाए जाएंगे। मां को लड्डू का भी भोग लगेगा।