फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Fruit shops adorned on the eve of the child's longevity festival jivitputrika

संतान की दीर्घायुु के वत्र जीवित्पुत्रिका की पूर्व संध्या पर सजी फलों की दुकानें, व्रतियों ने की खरीदारी

Wed, 09 Sep 2020 05:12 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Wed, 09 Sep 2020 05:12 PM IST
विज्ञापन
Fruit shops adorned on the eve of the child's longevity festival jivitputrika
फल खरीदतीं व्रती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

संतान के दीर्घायुु की कामना के महान व्रत जीवित्पुत्रिका का कठिन व्रत गुरुवार को मनाया जाएगा। बुधवार को पूर्व संध्या पर फल और सब्जियों का बाजार सजा तो व्रती महिलाएं खरीदारी करती नजर आईं।  इस कठिन व्रत को ग्रामीण क्षेत्रों में जीउतिया कहा जाता है। मान्यता है कि माताएं निराजल व्रत रहकर शाम को ईश्वर का प्रार्थना कर पूजा पाठ करती हैं।

विज्ञापन


पूजा में सभी प्रकार के फल फूल व सफेद लड्डू चढाने का विधान माना गया है। लोग सामर्थ्य के अनुसार अधिक से अधिक मात्रा में फल फूल पकवान और मेवा-मिष्ठान चढ़ाते हैं। श्रद्धालुओं की मांग को देखते हुए दुकानदार बड़े पैमाने पर हर वर्ष इस पर्व विशेष के मौके पर दुकानें सजती हैं। इस बार फलों की पर्याप्त आवक न होने की वजह से फलों का बाजार भाव काफी ऊपर रहा। महिलाओं ने हालांकि महंगाई के बीच मोलभाव के बाद ही फलों को लिया।
विज्ञापन

 

 

जीवित्पुत्रिका व्रत की पूर्व संध्या पर सतपुतिया (छोटी तरोई) की सब्जी खाने की मान्यता है। वंश वृद्धि एवं उसकी सलामती के लिए हिंदू माताओं द्वारा रखे जाने वाले जीवित्पुत्रिका व्रत की पूर्व संध्या पर बाजारों में सतपुतिया या सरपुतिया की काफी मांग रही। जिसके कारण इसका भाव प्रतिदिन की अपेक्षा बुधवार को आसमान छूता दिखा।

प्रतिदिन बाजारों में पचीस से तीस रुपए प्रति किलो के भाव से बिकने वाली सतपुतिया अचानक सवा सौ रुपए प्रति किलो से भी ऊपर कीमत में बेची जाने लगी। जीवित्पुत्रिका व्रत की पूर्व संध्या पर व्रती महिलाएं संध्या काल में आहार के तौर पर सतपुतिया की सब्जी खाने के बाद ही व्रत का शुभारंभ करती हैं। व्रती माताओं को विश्वास है कि लगभग डेढ दिन से भी अधिक समय के इस निर्जला व्रत को रखने से संतति को दीर्घायु प्राप्त होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed