वाराणसी: दोस्त ने ही की थी बिजली विभाग के संविदाकर्मी की हत्या, एक महिला से संबंध पर थी नाराजगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी के सरायनंदन दशमी में बिजली विभाग के संविदाकर्मी राजेश कुमार विश्वकर्मा की हत्या उसके दोस्त राजेश कुमार पटेल ने की थी। इसके पीछे की वजह राजेश के परिवार की एक महिला से संबंध था। यह खुलासा सोमवार को पुलिस ने कर्माजीतपुर सुंदरपुर निवासी राजेश कुमार पटेल और वारदात में सहयोग करने वाले उसके दोस्त करौंदी के रामबाबू पटेल उर्फ गोलू को गिरफ्तार करने के बाद किया। राजेश के पास से वारदात में प्रयुक्त .32 बोर की पिस्टल व कारतूस और बाइक बरामद कर ली गई है।
लंका थाना के सुंदरपुर क्षेत्र निवासी बिजली विभाग का संविदाकर्मी राजेश शनिवार की रात शंकुलधारा विद्युत उपकेंद्र में नाइट ड्यूटी के लिए जा रहा था। इसी दौरान सरायनंदन दशमी में उस पर रॉड से वार कर एक बदमाश ने उसे गिरा दिया और फिर उसके सिर पर दो गोली मारी।
एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सीओ भेलूपुर चक्रपाणि त्रिपाठी के नेतृत्व में इंस्पेक्टर भेलूपुर अमित मिश्रा और दुर्गाकुंड चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह, अस्सी चौकी प्रभारी दीपक कुमार व रवि यादव ने तफ्तीश शुरू की। सीसी कैमरों और सर्विलांस की मदद से संविदाकर्मी के दोस्त राजेश कुमार पटेल को पुलिस टीम ने चिह्नित किया।
राजेश को साकेत नगर पुलिया से गिरफ्तार करने के बाद उसकी सूचना के आधार पर उसके दोस्त रामबाबू को भी गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी सिटी ने बताया कि महज 48 घंटे के अंदर हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी ने 25 हजार रुपये का नगद इनाम दिया है। वहीं एडीजी जोन ने पुलिस टीम को 50 हजार का नगद इनाम और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
बहुत समझाया था, कहता था जो करना है कर लो
हत्यारोपी राजेश पटेल ने बताया कि वह और राजेश विश्वकर्मा पुराने दोस्त थे। दोनों का घर भी आसपास ही है। इसी वजह से राजेश का उसके घर आना-जाना लगा रहता था। उसे समझाया लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं था और कहता था कि जो करना है कर लो। यह बातें उसे बर्दाश्त नहीं हुई और उसने उसकी हत्या की योजना बनाई। राजेश के रात में बिजली विभाग जाने का रास्ता उसे पता था।
उसने रामबाबू से बाइक लेकर एक जगह चलने को कहा और अपनी योजना के बारे में बताया। रामबाबू अपने मामा के लड़के की बाइक लेकर आया और सुंदरपुर-खोजवा मार्ग पर जाकर पहले से ही खड़ा हो गया था। वहीं रामबाबू को कुछ दूरी पर गली में बाइक लेकर खड़ा कर दिया था। जैसे ही उसे राजेश दिखा उसने सिर पर रॉड से वार कर गिराया और सिर पर गोली मार दी। इसके बाद रामबाबू की बाइक से निकला और संकटमोचन क्षेत्र में जैकेट के ऊपर पहना हुआ कुर्ता उतार कर फेंक दिया।
परिवार के लोगों की टोह लेने गया था अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस
आरोपी राजेश ने बताया कि हत्या के बाद वह माहौल पर नजर रखे हुए था। माहौल की टोह लेने के लिए वह हत्या करने के बाद बीएचयू ट्रॉमा सेंटर गया और उसके परिजनों को ढांढस बंधाया। फिर उसके पिता के साथ थाने जाकर मुकदमा दर्ज कराया। रविवार को बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस भी गया था। सोमवार को वह और रामबाबू वारदात में प्रयुक्त असलहा और बाइक एक दोस्त के यहां कुछ दिन के लिए छुपाने जा रहे थे, तभी पकड़े गए।
दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज ने एक बार फिर अहम भूमिका निभाई
एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह ने हत्या जैसे गंभीर अपराध के खुलासे में एक बार फिर अहम भूमिका निभाई। इसमें अस्सी चौकी प्रभारी दीपक कुमार ने भी सहयोग किया।
एसएसपी ने बताया कि बीते साल नवंबर महीने में दुर्गाकुंड क्षेत्र में हॉस्टल के केयरटेकर की हत्या करने वाले शूटर को चिह्नित करने के लिए दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज ने 53 किलोमीटर तक सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली थी। ऐसे ही राजेश की हत्या में दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज ने गली-गली लगभग 15 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक सीसी कैमरों को खंगाला और गोली मारने वाले को चिह्नित किया।