Cyber Crime: 71.88 लाख रुपये की ठगी, एक महीने बाद 30 हजार के साथ छह आरोपी गिरफ्तार; जाल में ऐसे फंसा शातिर
Varanasi News: गौरीगंज निवासी पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों की तलाश में कई जगह दबिश और पूछताछ भी चल रही थी। इस बीच पुलिस ने सर्विलांस और ओपन सोर्स इंटेलिजेंस टूल्स की सहायता से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी बिहार के बताए जा रहे हैं।
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किया मोटर्स की एजेंसी दिलाने के नाम पर एक महीना पहले 71.80 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड के मामले में छह आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपियों की पहचान बिहार के नालंदा जिले के दशरथपुर के दीपक कुमार, सौरव कुमार, आलोक कुमार व प्रभाकर कुमार उर्फ चीकू, सरबहदी के हिमांशु राज और रघु बिगहा के अभिषेक कुमार उर्फ छोटू के रूप में हुई है।
आरोपियों के पास से 16 मोबाइल फोन, एक इंटरनेट डोंगल, किया मोटर्स कंपनी के तीन फर्जी इनवाइस व अन्य कागज, एक डेबिट कार्ड, दो सिम और 30900 रुपये बरामद किए गए हैं।
गौरीगंज निवासी तेजस्वी शुक्ला की तहरीर के आधार पर गत 18 जून को साइबर क्राइम पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। तेजस्वी ने पुलिस को बताया कि किया मोटर्स कंपनी की एजेंसी दिलाने के नाम पर उनके साथ 71 लाख 80 हजार रुपये की ठगी की गई।
डीसीपी वरुणा जोन / क्राइम चंद्रकांत मीणा ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय नारायण मिश्र के नेतृत्व में इंस्पेक्टर राज किशोर पांडेय, राकेश कुमार गौतम व अनीता सिंह और हेड कांस्टेबल श्याम लाल गुप्ता व आलोक कुमार सिंह की टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने सर्विलांस, डिजिटल फुट प्रिंट और ओपन सोर्स इंटेलिजेंस टूल की मदद से घटना में शामिल छह आरोपियों को चिह्नित कर गिरफ्तार किया गया।
बनाए थे कंपनी की फर्जी वेबसाइट और ई-मेल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने किया मोटर्स कंपनी के नाम की फर्जी वेबसाइट व ई-मेल बनाया था। फर्जी वेबसाइट / ई-मेल के माध्यम से कंपनी के फर्जी रिप्रजेंटेटिव बनकर तेजस्वी को एजेंसी दिलाने के लिए फर्जी इनलिस्टमेंट लेटर और इंटेंट लेटर भेजा गया।
फिर, कंपनी की रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी मनी और जीएसटी फीस का हवाला देकर तेजस्वी से विभिन्न खातों में पैसा डलवाया गया। इसके बाद तेजस्वी को कंपनी के फर्जी लेटर पैड पर फर्जी इनवाइस भेजा गया। ठगी से मिले पैसे को आपस में बांट लिया गया।