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मई में तैयार होगा हनुमना तक फोरलेन, दक्षिण भारत जाना होगा आसान
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राष्ट्रीय राजमार्ग 7 बनारस से हनुमना जाने वाले कष्टकारी सफर का अंत मई 2022 में होगा। इस फोरलेन के निर्माण से दक्षिण भारत तक जाना आसान हो जाएगा। वाराणसी से हनुमना की दूरी मात्र ढाई घंटे में पूरी होगी जबकि इस समय सात घंटे लगते हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मार्च 2018 में बड़ालालपुर के दीनदयाल हस्तकला संकुल में एनएचएआई की वाराणसी हनुमना फोरलेन योजना का शिलान्यास किया था। इसे मार्च 2019 में पूरा होना था, लेकिन जमीन अधिग्रहण में आई बाधा और अतिक्रमण के चलते निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। अब तक 60 प्रतिशत से अधिक काम हो गया है। 2347 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले 125 किलोमीटर का फोरलेन मई 2022 में बनेगा। सड़क को तीन भागों में बांटकर बनाया जा रहा है। पहला भाग 36 किलोमीटर वाराणसी से डगमगपुर तक, दूसरा भाग 46 किलोमीटर डगमगपुर से लालगंज और तीसरा भाग 43 किलोमीटर लालगंज से मध्य प्रदेश के हनुमना तक है। डगमगपुर से लालगंज और लालगंज से हनुमना तक सड़क अक्तूबर तक तैयार कर ली जाएगी। बाकी 36 किलोमीटर वाराणसी से डगमगपुर तक किसानों द्वारा जमीन अधिगृहीत करने के साथ मई 2022 में पूरी की जाएगी।
ये है रूट
वाराणसी के पड़ाव से चुनार, मिर्जापुर, लालगंज, हनुमना, मऊगंज, रीवा, अमरपाटन, मैहर, जुकेही, कटनी, सिहोरा, जबलपुर, बर्गी, हुल्की होते हुए नागपुर, अदीलाबाद, हैदराबाद, बंगलूरू, मदुरै, तिरुमंगलम से कन्याकुमारी तक।
एक नजर में
पैकेज एक - 15.100 से 49.100 किमी तक
पैकेज दो - 49.100 से 96.800 किमी तक
पैकेज तीन- 96.800 से 140.265 किमी तक
मुख्य सेतु - 9
लघु सेतु - 40
बाईपास - 7
आरओबी- 1
अंडरपास - 41
सर्विस रोड - 4.6 किमी
टोल प्लाजा - 2
कोट
एनएच -7 सड़क मई 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगी। इसमें से 60 प्रतिशत से अधिक काम हो गया है। कुछ जगहों पर अतिक्रमण और जमीन अधिग्रहण की समस्या है। अक्तूबर तक इसका समाधान हो जाएगा।
विज्ञापन
- आरएस यादव, परियोजना निदेशक एनएचएआई
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ये है रूट
वाराणसी के पड़ाव से चुनार, मिर्जापुर, लालगंज, हनुमना, मऊगंज, रीवा, अमरपाटन, मैहर, जुकेही, कटनी, सिहोरा, जबलपुर, बर्गी, हुल्की होते हुए नागपुर, अदीलाबाद, हैदराबाद, बंगलूरू, मदुरै, तिरुमंगलम से कन्याकुमारी तक।
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पैकेज एक - 15.100 से 49.100 किमी तक
पैकेज दो - 49.100 से 96.800 किमी तक
पैकेज तीन- 96.800 से 140.265 किमी तक
मुख्य सेतु - 9
लघु सेतु - 40
बाईपास - 7
आरओबी- 1
अंडरपास - 41
सर्विस रोड - 4.6 किमी
टोल प्लाजा - 2
कोट
एनएच -7 सड़क मई 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगी। इसमें से 60 प्रतिशत से अधिक काम हो गया है। कुछ जगहों पर अतिक्रमण और जमीन अधिग्रहण की समस्या है। अक्तूबर तक इसका समाधान हो जाएगा।
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- आरएस यादव, परियोजना निदेशक एनएचएआई