BHU News: लाइब्रेरी में मारपीट करने वाले चार छात्र निलंबित, सेमेस्टर परीक्षा भी नहीं दे पाएंगे, 19 को चेतावनी
बीएचयू की साइबर लाइब्रेरी में अप्रैल और मई महीने में हुई मारपीट, ताला तोड़ने की घटना में चार छात्रों को दोषी करार देते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की साइबर लाइब्रेरी में अप्रैल और मई महीने में हुई मारपीट, ताला तोड़ने की घटना में चार छात्रों को दोषी करार देते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। चारों छात्रों को छह महीने के लिए निलंबित किया गया है, जबकि 19 को चेतावनी जारी की गई है।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित लाइब्रेरी में मारपीट के साथ ही लाइब्रेरी के द्वार को बंद कर दिया गया था। उस घटना की जांच के बाद अब कुलसचिव कार्यालय की ओर से छात्रों का निलंबन आदेश जारी किया गया है। स्थायी समिति की अनुशंसा के आधार पर बीए ऑनर्स कला संकाय के छात्र श्रेष्ठतम उपाध्याय, बिट्टू बाबू, अंकित पाल और रौनक मिश्रा को छह माह के लिए निलंबित करते हुए विश्वविद्यालय की सभी सुविधाओं से वंचित कर दिया गया है।
इसके साथ ही निलंबित विद्यार्थी सेमेस्टर परीक्षा भी नहीं दे पाएंगे। समिति की अनुशंसा पर कुलपति ने भी अपनी मुहर लगा दी है। बीएचयू प्रशासन की ओर से 19 छात्रों को चेतावनी भी जारी की गई है।
इन छात्रों को मिली चेतावनी
सामाजिक विज्ञान संकाय से सोनू कुमार, अभिषेक चंदेल, कला संकाय से सचिन शर्मा, विकास कुमार, अविनाश सिंह, विनीत मिश्रा, अमन सिंह, शैलेष सिंह, ऋषभ राज, हर्षित गुप्ता, मेहुल सिंह राठौर, रोशन शाही, शिवशक्ति कुमार, वसीम अंसारी, बिपिन राजभर, परमदीप पटेल का नाम शामिल है।
इसके अलावा शारीरिक शिक्षा विभाग से दिनेश यादव, सुमित सिंह और शोध छात्र अजय कुमार भारती को भी चेतावनी जारी की गई है कि भविष्य में अनुशासनहीनता की किसी भी घटना पर और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बीएचयू आयुर्वेद संकाय में पीजी में सीट वृद्धि के लिए धरना जारी
आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में पीजी की सीट वृद्धि को लेकर छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच रार बढ़ती जा रही है। प्रशासन की ओर से जहां मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया जा रहा है वहीं छात्र लिखित आदेश पर अड़े हैं। लिहाजा छात्रों का धरना बुधवार को भी जारी रहा।
इधर, छात्रों के धरने की वजह से वीसी आवास से एलडी गेस्ट हाउस तक का बंद रास्ता नहीं खुल सका है। धरना देने वाले छात्रों ने बताया कि पांच साल से सीट वृद्धि की मांग की जा रही है। संकाय प्रमुख भी बातचीत के लिए आए लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकाला। चेतावनी दी कि जब तक मांगें नहीं मान ली जाती है, तब तक धरना जारी रहेगा।