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जौनपुर: फूड प्वॉइजनिंग से दो परिवारों के चार लोगों की मौत, इलाज कराने के बजाय झाड़फूंक में पड़ गए
Thu, 29 Jul 2021 12:39 AM IST
हरि User
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
Published by: हरि User
Updated Thu, 29 Jul 2021 12:39 AM IST
सार
मीट खाने के बाद परिवार के कई सदस्यों की तबीयत बिगड़ी थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में पांच दिन की निगरानी के लिए लगा दिया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
यूपी के जौनपुर में दो परिवार फूड प्वॉइजनिंग का शिकार हुए हैं। दोनों परिवारों से चार लोगों की मौत से घर में कोहराम मचा है। जौनपुर के सिरौली ग्राम पंचायत के रनापुर स्थित मुसहर बस्ती में फूड प्वॉइजनिंग से पांच दिनों में दो परिवारों के चार लोगों की मौत हो गई। बुधवार को चौथी मौत के बाद गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। पूरे गांव में छिड़काव, दवा का वितरण कराया। स्वास्थ्य विभाग की टीम को पांच दिन की निगरानी में लगा दिया गया है।
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मीट खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत
सुगमा उर्फ नेमा (50) पत्नी स्वर्गीय फूलचंद्र 20 जुलाई को कहीं से मीट लेकर आई थी। उसे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खाया था। इसके बाद 22 जुलाई को परिवार के सूरज बनवासी के घर मीट बनी थी। उसे खाने के बाद कई लोगों की तबीयत खराब हो गई। इनमें से रोहन, ज्योति, झिन्नी और किसन को दवा खाने के बाद आराम हो गया। जबकि 23 जुलाई को घर पर झाड़-फूंक के चक्कर में सुगमा की मौत हो गई।
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इसके बाद ड्राइबर की बेटी बबली (2) का भी इलाज नहीं कराया गया। उसकी भी 25 जुलाई को मौत हो गई। इसके बाद कुछ परिवार के लोगों ने घबराहट में घर छोड़ दिया। दूसरे परिवार की नंदिनी (8) पुत्री पिंटू को लेकर परिवार के लोग भदोही गए। वहां गोपीगंज में झाड़फूंक कराने में 27 जुलाई को उसकी भी मौत हो गई। सूरज (22) भी रिश्तेदारी पिलकेथुआ गया और झाड़-फूंक के चक्कर में उसकी भी बुधवार की सुबह मौत हो गई।
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फूड प्वॉइजनिंग की जानकारी होने पर डीएम मनीष वर्मा ने एसडीएम मंगलेश दुबे को मामले देखने के लिए कहा। उन्होंने तहसीलदार अमित कुमार त्रिपाठी को मौके पर भेजा। इस संदर्भ में सीएमओ डॉ. जीएसबी लक्ष्मी ने बताया कि फूड प्वॉइजनिंग के बाद झाड़फूंक के चक्कर में पड़ने से चार लोगों की मौत हो गई है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंप कर रही है।