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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Four miscreants arrested for cheating of 72 lakh rupees through fake website of Kia Motors

Cyber Crime: फर्जी वेबसाइट बनाकर 72 लाख की साइबर ठगी, गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार बदमाश गिरफ्तार

Thu, 03 Oct 2024 05:44 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Thu, 03 Oct 2024 05:44 PM IST
सार

फर्जी वेबसाइट के जरिये 72 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार बदमाश गिरफ्तार किए गए हैं। किआ मोटर्स की फर्जी वेबसाइट के जरिये बदमाश ठगी करते थे। सरगना पर कई केस दर्ज हैं। 

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Four miscreants arrested for cheating of 72 lakh rupees through fake website of Kia Motors
पुलिस के गिरफ्त में सभी आरोपी - फोटो : एक्स @varanasipolice

विस्तार

किआ मोटर्स की फर्जी वेबसाइट बनाकर एजेंसी दिलाने के नाम पर 72 लाख की साइबर ठगी के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को साइबर क्राइम थाने की टीम ने पटना से गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, फर्जी बैंक खाते, डायरी, 20 डेबिट कार्ड, सिमकार्ड और 22 हजार रुपये बरामद हुए।

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एडीसीपी वरुणा सरवणन टी ने बताया कि आरोपियों की पहचान बिहार के नालंदा, रघुबिगहा निवासी प्रियरंजन कुमार, सत्येंद्र सुमन उर्फ नेताजी, नालंदा के सिलाव निवासी रंजन कुमार और ईस्ट दिल्ली के मुधबिहार के भद्रावली फाजिलपुर निवासी रमेश सिंह भूटोला के रूप में हुई है। रमेश मूलरूप से उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग का रहने वाला है। 

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गिरोह के सरगना प्रियरंजन कुमार पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि किआ मोटर्स की फर्जी वेबसाइट और ईमेल बनाकर भेलूपुर की गौरीगंज निवासी तेजस्वी शुक्ला को फंसाने के लिए फर्जी रिप्रेजेंटेटिव बनाकर उसके घर भेजा था।

एजेंसी दिलाने के लिए फर्जी और कूटरचित दस्तावेज भी भेजा था। फर्जी कंपनी के बैंक खाते में रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी मनी, जीएसटी फीस का हवाला देकर पैसा विभिन्न खातों में डलवाया गया। फिर फर्जी कंपनी के लेटर हेड पर फर्जी इन वायस भेज कर पीड़िता को जाल में फंसाया गया।

फर्जी सिम और बैंक खाते का करते थे इस्तेमाल

पुलिस ने पूछताछ में बताया कि वह वेबसाइट, ई-मेल से लीड प्राप्त करने, पीड़ितों को कॉल, फर्जी सिम व बैंक खातों का प्रबंध, इंटरनेट बैंकिंग से पैसे ट्रांसफर, एटीएम से निकासी करते हैं। फिर पैसों को आपस में शेयर करते थे। पुलिस से बचने के लिए फर्जी सिम कार्ड व बैंक खातों का प्रयोग करते थे। आरोपियों को गिरफ्तार टीम में साइबर क्राइम थाने के प्रभारी विजय नारायण मिश्र, निरीक्षक राजकिशोर पांडेय, निरीक्षक अनीता सिंह, एसआई संजीव कन्नौजिया, एसआई सतीश सिंह, नीलम सिंह, श्यामलाल गुप्ता, आलोक सिंह आदि रहे।
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