फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   four killed and one injured in ghazipur after wall fallen on them

गाजीपुर में दर्दनाक हादसा, दीवार गिरने से चार युवाओं की मौत, गांव में मचा कोहराम

Wed, 19 Dec 2018 10:51 AM IST
utpal utpal न्यूज डेस्क,अमर उजाला,गाजीपुर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,गाजीपुर Published by: utpal utpal Updated Wed, 19 Dec 2018 10:51 AM IST
विज्ञापन
four killed and one injured in ghazipur after wall fallen on them
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के गाजीपुर जिले से मंगलवार दोपहर एक एक बेहद दर्दनाक खबर बाहर आई है। जौनपुर जिले में सात दिसंबर को हुए दर्दनाक हादसे को अभी लोग भूल भी नहीं पाए थे कि ठीक उसी तरह की घटना गाजीपुर जिले में घट गई। जंगीपुर थाना क्षेत्र के मेहर अलीपुर गांव में दीवार ढहने से 4 लोगों की मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
विज्ञापन


जंगीपुर थाना क्षेत्र के मेहरल्लीपुर  (भवरी) गांव में बेसो नदी के किनारे स्थित अंग्रेजों के समय की निर्मित नील गोदाम की 250 चौड़ी दीवार मंगलवार को एकाएक भरभरा कर गिर गई। हादसे में चार युवकों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना पाकर तत्काल सदर एसडीएम शिवशरण अप्पा और जंगीपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। हादसे की छानबीन के बाद अफसर वापस लौट गए। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।      
विज्ञापन


इलाके के मेहरल्लीपुर (भवरी) निवासी चिरकुट बिंद का पुत्र रमेश बिंद (22), केवल बिंद का पुत्र धर्मेंद्र (21), महेंद्र बिंद का पुत्र उमेश (20), बेचन बिंद का पुत्र अच्छेलाल (21) और रामध्यान बिंद का पुत्र गुड्डू (20) मंगलवार को सुबह  दस बजे बेसो नदी के किनारे स्थित अंग्रेजों के जमाने की निर्मित नील गोदाम के पुराने खंडहर के पास पहुंच कर ठंड में धूप का आनंद ले रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिन में करीब साढ़े 11 बजे ईंट और सुर्खी-चूना से निर्मित गोदाम के जर्जर दीवार पर बैठे थे। इसी बीच दीवार एकाएक हिलने लगी। युवक कूद कर जान बचा पाते कि दीवार धराशायी हो गई। 

 इसमें रमेश बिंद, धर्मेंद्र, उमेश और अच्छेलाल मलबे में दब गए, जबकि गुड्डू का केवल जंघा ही मलबे की जद में आया। इसके बाद गुड्डू शोर मचाने लगा। आवाज सुनकर आस-पास खेतों में काम कर रहे लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही मलबे में दबे युवकों के परिजन भी बदहवास हो घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस को हादसे की सूचना दी गई। घटना स्थल पर हजारों की भीड़ जुट गई।

शोर-शराबे के बीच ग्रामीण मलबे को हटाने में जुट गए। जब तक लोगों ने मलबे को हटाया, तब तक रमेश, धर्मेंद्र, उमेश अच्छेलाल की मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिवार के लोग शव के पास बैठ कर चीख-पुकार करने लगे।

कुछ ही देर बाद जंगीपुर थाने की पुलिस के साथ ही सदर एसडीएम शिवशरण अप्पा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मृतक के परिजनों से घटना की जानकारी दी। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने कहा कि हादसा काफी दुखद है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 

गुड्डू की आंखों में झलक रहा था घटना का मंजर

 मेहरल्लीपुर उर्फ भवरी गांव के किनारे स्थित बेसो नदी के पास दीवार गिरने से चार युवकों की मौत हो गई। इससे गुड्डू बिंद (20) घायल हो गया। इस हादसे में घायल गुड्डू बिंद का उपचार जमानिया तिराहा स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। गुड्डू की आंखों में घटना का मंजर साफ दिखाई दे रहा था। देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि भले ही वह अस्पताल के बेड पर था, लेकिन उसका दिलो-दिमाग घटना स्थल पर है। जो लोग भी उसका हाल-चाल जानने के लिए जा रहे थे, वह नजरों को इधर-उधर नचाते हुए उन्हें देख रहा था।

पूछने पर लड़खड़ाती हुए जुबान में घायल गुड्डू ने बताया कि रमेश, धर्मेंद्र, उमेश और अच्छेलाल पहले से ही वहां मौजूद थे और दीवार पर बैठकर बातचीत कर रहे थे। हम लोग इधर कभी नहीं आते थे। आज पता नहीं मन में क्या सूझा कि यहां पर गए थे।

बताया कि जैसे ही दीवार, हीलने लगी हम लोग कूदकर भागना चाहे, लेकिन तब तक वह धराशाई हो गई। रमेश, धर्मेंद्र, उमेश और अच्छेलाल चट्टान के रूप में गिरे मलबा में दब गए, जबकि मैं थोड़ा दूर गिरा। घायल गुड्डू की तबियत उपचार के बाद ठीक हो जाएगी, लेकिन शायद वह दुर्घटना के इस मंजर को ताम उम्र नहीं भूल पाएगा। 

दो परिवारों का बुझ गया इकलौता चिराग

 मेहरल्लीपुर उर्फ भवरी गांव के किनारे स्थित बेसो नदी के पास अंग्रेजों के जमाने की नील गोदाम की दीवार ने दो परिवार से उनका इकलौता चिराग छीन लिया। घटना की जानकारी होते ही अन्य लोगों के साथ उमेश और रमेश के माता-पिता सहित परिवार के अन्य सदस्य पहुंचे। जैसे ही उनकी नजर इंटर के छात्र मृतक उमेश और रमेश पर पड़ी, वह दहाड़े मारकर चीखने-चिल्लाने लगे। माता-पिता बिलखते हुुए यह कहने लगे कि हे ईश्वर तुमने यह क्या कर दिया। हम लोगों के बुढ़ापे की लाठी हमसे छीन हमें बेसहारा कर दिया। अब किसके सहारे हमारा बुढ़ापा कटेगा। इनकी इस व्यथा को सुन वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो जा रही थीं। 

बेसो नदी की लहरें भी हुई गमगीन

मेहरल्लीपुर उर्फ भवरी गांव के चार युवकों की मौत ने ग्रामीणों को झकझोर के रख दिया है। गांव के किनारे से गुजरी बेसो नदी की लहरें भी पूरे दिन खामोश रहीं। शायद युवकों की मौत से वह भी गमजदा हो उठी...। जिस नदी के पास प्रतिदिन गांव के चारो युवा आते जाते थे आज उसी नदी के पास स्थित जर्जर नील गोदाम की दीवार मौत बन जाएगी यह किसी ने नहीं सोचा था। गांव में परिजनों की उठने वाली चीत्कार से गांव का कोना कोना गमगीन हो उठा था...हर तरफ यही सवाल तैर रहा था यह सब क्या हो गया और कैसे हो गया।   
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed