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खेत तालाब योजना के लिए चार किसानों ने नहीं जमा की टोकन मनी
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जल संरक्षण के लिए मानसून से पहले जिले में पांच तालाबों के निर्माण का काम अधर में अटक सकता है। ये तालाब खेत तालाब योजना के तहत तैयार होने हैं। लक्ष्य के सात तालाबों के लिए आवेदन तो मिले मगर सात में से दो किसानों ने ही टोकन मनी जमा की। जबकि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित तालाब के लिए आवेदन रद्द कर दिया गया। क्योंकि वह सामान्य वर्ग के किसान ने कर दिया था। ऐसे में तालाब का निर्माण मानसून से पहले हो पाना संभव नहीं है।
भूमि संरक्षण अधिकारी अमित कुमार मिश्र के मुताबिक इस वर्ष पिंडरा, चिरईगांव और आराजीलाइन ब्लाक से दो-दो आवेदन मिले हैं। जिसमें पिंडरा के बसंतपुर गांव के सुनील और आराजीलाइन के शोभनाथ सिंह ने टोकन मनी जमा कर दिया है। वहीं चिरईगांव के कादीपुर खुर्द के अवधेश कुमार दूबे की जमीन कम और आराजीलाइन के काशीपुर गांव के जनार्दन सिंह ने बड़े तालाब के निर्माण के लिए आवेदन किया था। जिससे इनका टोकन मनी जमा नहीं हुआ। योजना के तहत एक लाख पांच हजार रुपये की लागत से तैयार होने वाले तालाब के लिए लाभार्थी किसान को 50 प्रतिशत अनुदान मिलता है।
पिछले साल की योजना का तालाब इस वर्ष हो रहा पूरा
पिछले साल लक्ष्य के सात में से छह लाभार्थियों ने आवेदन किया था। जिनमें सेवापुरी के इशवार गांव के मार्कंडेय सिंह, अमरनाथ यादव, हरहुआ के औसानपुर, पुआरीकला और पिंडरा के अमऊत के चार किसानों के तालाब का निर्माण तो हो गया जो अब उसमें मछली पालन कर रहें है। जबकि चिरईगांव के छितौनी दो तालाबों के निर्माण काम अभी भी चल रहा है।
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भूमि संरक्षण अधिकारी अमित कुमार मिश्र के मुताबिक इस वर्ष पिंडरा, चिरईगांव और आराजीलाइन ब्लाक से दो-दो आवेदन मिले हैं। जिसमें पिंडरा के बसंतपुर गांव के सुनील और आराजीलाइन के शोभनाथ सिंह ने टोकन मनी जमा कर दिया है। वहीं चिरईगांव के कादीपुर खुर्द के अवधेश कुमार दूबे की जमीन कम और आराजीलाइन के काशीपुर गांव के जनार्दन सिंह ने बड़े तालाब के निर्माण के लिए आवेदन किया था। जिससे इनका टोकन मनी जमा नहीं हुआ। योजना के तहत एक लाख पांच हजार रुपये की लागत से तैयार होने वाले तालाब के लिए लाभार्थी किसान को 50 प्रतिशत अनुदान मिलता है।
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पिछले साल की योजना का तालाब इस वर्ष हो रहा पूरा
पिछले साल लक्ष्य के सात में से छह लाभार्थियों ने आवेदन किया था। जिनमें सेवापुरी के इशवार गांव के मार्कंडेय सिंह, अमरनाथ यादव, हरहुआ के औसानपुर, पुआरीकला और पिंडरा के अमऊत के चार किसानों के तालाब का निर्माण तो हो गया जो अब उसमें मछली पालन कर रहें है। जबकि चिरईगांव के छितौनी दो तालाबों के निर्माण काम अभी भी चल रहा है।
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