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पूर्व बसपा सांसद धनंजय सिंह की बढ़ी मुश्किलें, अभी रहना ही होगा जेल में, नहीं मिलेगी जमानत
Wed, 20 May 2020 01:37 PM IST
गीतार्जुन गौतम
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Wed, 20 May 2020 01:37 PM IST
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Court order
- फोटो : सोशल मीडिया
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जौनपुर कोर्ट ने बुधवार को पूर्व बसपा ( बहुजन समाज पार्टी ) सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी। फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा।
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जौनपुर शहर के पचहटिया में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बना रही कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंह 10 मई को लाइन बाजार थाने में तहरीर देकर पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके साथी विक्रम सिंह पर केस दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि विक्रम सिंह प्लांट से उन्हें जबरन वाहन में बिठाकर पूर्व सांसद के आवास पर ले गए। वहां पूर्व सांसद ने असलहा दिखाकर उसे माल की डिलीवरी लेने का दबाव बनाया और धमकी भी दी।
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आरोप है कि उसकी कंपनी के एमडी से भी फोन पर अभद्रता की। प्रोजेक्ट मैनेजर की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज करते हुए उसी रात पूर्व सांसद को शहर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। 11 मई को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के दौरान जमानत अर्जी खारिज करते हुए कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।
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पूर्व सांसद धनंजय सिंह
- फोटो : अमर उजाला।
दोबारा पूर्व सांसद की ओर से जिला जज के सामने जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। जिला जज ने इसे एडीजे प्रथम के समक्ष ट्रांसफर करते हुए सुनवाई के लिए 20 मई की तारीख मुकर्रर की थी। इस बीच एसटीपी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने सीजेएम कोर्ट में शपथ पत्र देकर शुरू में लगाए गए आरोपों से इनकार कर दिया।
उसका कहना था कि मानसिक तनाव और दवाब में केस दर्ज कराया। उसका पूर्व सांसद से कोई विवाद नहीं हुआ था और न ही अपहरण कराया था। सीजेएम ने इसे विवेचक या सक्षम कोर्ट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से पूर्व सांसद का खेमा उत्साहित था। उसे उम्मीद थी एडीजे के समक्ष सुनवाई के दौरान जमानत को मंजूरी मिल जाएगी।
उसका कहना था कि मानसिक तनाव और दवाब में केस दर्ज कराया। उसका पूर्व सांसद से कोई विवाद नहीं हुआ था और न ही अपहरण कराया था। सीजेएम ने इसे विवेचक या सक्षम कोर्ट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से पूर्व सांसद का खेमा उत्साहित था। उसे उम्मीद थी एडीजे के समक्ष सुनवाई के दौरान जमानत को मंजूरी मिल जाएगी।
बुधवार को पूर्व सांसद की ओर से अधिवक्ता संतोष श्रीवास्तव दुष्यंत सिंह सुभाष शुक्ला पेश हुए। उन्होंने प्रार्थना पत्र देते हुए जमानत देने की गुहार लगाई। दूसरी ओर से शासकीय अधिवक्ता ने आरोपों को गंभीर प्रवृत्ति का बताते हुए जमानत न देने की अपील की। समर्थन में कॉल डिटेल, प्लांट का सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य तथ्य रखे। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पूर्व सांसद की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।