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पदक लौटाने डीएम कार्यालय पहुंचे पूर्व सैनिक
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 11 Nov 2015 01:46 AM IST
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‘वन रैंक वन पेंशन’ लागू करने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के खिलाफ बनारस में भी पूर्व सैनिकों ने पदक लौटाने की शुरुआत कर दी है।
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मंगलवार को कई पूर्व सैनिक अपना पदक लौटाने के लिए जिला मुख्यालय पहुंचे। हालांकि छुट्टी के चलते कार्यालय में जिलाधिकारी के मौजूद न होने की वजह से वे पदक नहीं लौटा सके।
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केंद्र सरकार के फैसले से नाराज पूर्व सैनिक अवधेश सिंह ने कहा कि सरकार ने जो नोटिफिकेशन आठ नवंबर को जारी किया है, वह सैनिकों को कतई मंजूर नहीं।
उन्होंने बताया कि कुल 35 सैनिक अपना पदक लौटाने यहां आए हैं। पूर्व सैनिकों ने कहा कि उनकी सिर्फ एक ही मांग है ‘वन रैंक वन पेंशन’।
इसके अलावा उन्हें कुछ नहीं चाहिए। उनका आरोप है कि इस योजना में केंद्र सरकार ने नया प्रावधान जोड़कर इसे जटिल बना दिया है।
कहा कि हम परिभाषा के मुताबिक वन रैंक वन पेंशन चाहते हैं। किसी जूनियर को उसके सीनियर से अधिक पेंशन नहीं मिलनी चाहिए।
पूर्व सैनिकों ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि पूर्व सैनिकों की सारी मांगों को पूरा नहीं किया जा सकता।
पूर्व सैनिकों ने आरोप लगाया कि वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे पर मोदी सरकार ने वादाखिलाफी की है। बहरहाल, मंगलवार को देश भर में वन रैंक वन पेंशन के लिए अड़े पूर्व सैनिकों ने अपने पदक लौटाए।
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प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में भी 35 पूर्व सैनिक पदक लौटाने डीएम कार्यालय पहुंचे। इसमें आरए यादव, एसएन वर्मा, एमपी मौर्य, केआर यादव, एमपी मिश्रा एवं आरडी महतो आदि शामिल थे।