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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Forest department building five forest gardens in Jaunpur Ghazipur and Varanasi friendship between UP Bihar

पर्यावरण: जौनपुर, गाजीपुर व वाराणसी में वन विभाग बना रहा 5 वन वाटिका, मित्र वन से UP-बिहार में बढ़ेगी मित्रता

Wed, 26 Jun 2024 01:43 PM IST
अमन विश्वकर्मा सार्थक पांडेय, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
सार्थक पांडेय, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 26 Jun 2024 01:43 PM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी वन मंडल के सरंक्षक रवि कुमार सिंह ने बताया कि इस वन के बनने से दोनों राज्यों के वन विभाग के बीच मित्रता बढ़ेगी। इसी को देखते हुए वन विभाग ने इसे मित्र वन नाम दिया है। जल्द ही दोनों राज्य के वन विभाग मिलकर काम करेंगे।

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Forest department building five forest gardens in Jaunpur Ghazipur and Varanasi friendship between UP Bihar
वन विभाग कर रहा तैयारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तेजी से हो रही पेड़ों की कटाई व कम हो रहे जंगल क्षेत्र को देखते वन विभाग जौनपुर, गाजीपुर और वाराणसी में 5 वन वाटिका बना रहा है। इसमें वह उन वृक्षों को सहेज कर रखा जाएगा, जो धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं। ये वृक्ष फलदार और छायादार होंगे। ताकि लोगों को हरियाली और स्वच्छ हवा मिल सके।

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गाजीपुर के जमानिया में वन विभाग 0.5 हेक्टेयर भूमि पर 35 हजार पौधे लगाएगा। इसमें बिहार वन और वाराणसी मंडल के वन विभाग मिलकर काम करेंगे। बिहार को 17 हजार और वाराणसी मंडल के वन विभाग को 17 हजार पौधे लगाने है। इनमें पाकड़, पीपत, शीशम, अमरूद, नीम, गुड़हल, लेमन घास, खास घास आदि पौधे लगाए जाएंगे। 

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मियावाकी वन
गाजीपुर में ही मियावाकी पद्धति पर वन तैयार किया जा रहा है। जहां देशी पौधों से घने जंगल बनाए जाएंगे। इसमें वो सभी पौधे लगाए जाएंगे जो किसान और आमजन मानस के लिए बहुत ही उपयोगी होते हैं। इस विधि से कम समय में ही घने, देशी और जैव विविध वन बनाया जा सकता है। इसमें करीब 17 हजार से अधिक पौधे वन विभाग लगाएगा। इस पद्धति से पेड़ 10 गुना तेजी से बढ़ते हैं।

अमृत धारा वन
ये वन गंगा और उनके सहायक नदी गोमती, अस्सी, वरुणा और सई नदियों के किनारों पर लगाए जाएगा। जिनमें कदम, अर्जुन, गुड़हल, चीलबील, कंजी, जामुन आदि पौधे लगाए जाएंगे। इनके लगने से नदियों के किनारे होने वाली कटान पर रोक लगेगी। साथ ही वन्य जीवों को भी फायदा होगा। नदियों के किनारे वन होने से पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।

विरासत वृक्ष वाटिका
वाराणसी के छहनीधी और गद्दोपुर क्षेत्र में 5.5 हेक्टेयर भूमि पर प्रदेश के ऐतिहासिक, पौराणिक और धार्मिक महत्व वाले 948 हेरिटेज वृक्षों को लगाया जा रहा है। इसके तैयार हो जाने से पर्यटकों को काफी फायदा होगा। पर्यटक एक स्थान पर ही 948 हेरिटेज वृक्ष देख सकते हैं और उन वृक्षों को वन विभाग सुरक्षित रख सकेगा।

नगर वन वाटिका
सारनाथ में 2 हेक्टेयर भूमि में पर नगर वन वाटिका तैयार की गई है। जिसमें 88 हजार के करीब पौधे लगाए गए है। इस वाटिका को तीन वाटिका के रूप में बांटा गया है। पहला शिव वाटिका है, जिसमें भगवान शिव से जुड़े हुए पौधे लगाए गए है। दूसरा बुद्ध वाटिका है, जिसमें भगवान बुद्ध से जुड़े हुए पौधे लगाए गए है। तीसरा नगरी वाटिका है, जिसमें फलदार और छायादार समेत कई प्रजाति के पौधे लगाए गए हैं।

बोले अधिकारी
गाजीपुर, जौनपुर और वाराणसी में वनों की वाटिका बना रही है। कुछ वाटिका में पौधे लगा दिये गए हैं तो कुछ में लगाए जाने हैं। इससे लोगों को स्वच्छ हवा और हरियाली देखने को मिलेगी। - डॉ. रवि कुमार सिंह, वन सरंक्षक, वाराणसी मंडल

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